दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण में छह माह की होगी देरी 

 फरीदाबाद 
 दिल्ली से मुंबई के बीच 1,350 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे का 59 किलोमीटर का हिस्सा(एनएच-148एनए) दिल्ली महारानी बाग से फरीदाबाद होते हुए पलवल के मिंडकौला तक बनाने का काम चल रहा है। इस एक्सप्रेस-वे का करीब 10 प्रतिशत काम पूरा हो सका है। सन् 2023 तक इस एक्सप्रेस-वे को पूरा किया जाना है। समय रहते रास्ते में आ रहे अवैध कब्जे नहीं हटे तो इसके निर्माण में छह माह की देरी हो सकती है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस के दिल्ली से मिंडकौला वाले हिस्से का निर्माण कार्य तीन पार्ट में होना है। इसमें एक पार्ट दिल्ली महारानी बाग(डीएनडी फ्लाईओवर) से शुरू होकर दिल्ली के मीठापुर गांव तक है। दूसरा पार्ट यहां से शुरू होकर बाईपास के कैल मोड तक है। तीसरा पार्ट कैल गांव से पलवल के मिंडकौला गांव तक है। मौजूदा समय में कैल गांव से लेकर मिंडकौला गांव के बीच निर्माण कार्य चल रहा है। एनएचएआई(नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया) अधिकारियों का कहना है कि यहां तेज रफ्तार से कार्य चल रहा है। अब तक यहां 10 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जबकि बाकी दोनों पार्ट का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

अभी तक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में थी। अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए इस बाईपास को एनएचएआई को हस्तांतरित कर दिया गया है। जमीन हस्तांतरित होने के बावजूद एनएचएआई यहां निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पा रहा है। एनएचएआई ने प्राधिकरण से 70 मीटर चौड़े बाईपास की मांग की थी। प्राधिकरण ने 70 मीटर जमीन कागजों में तो हस्तांतरित कर दी है। लेकिन मौके पर अभी जमीन पर अवैध कब्जे, पेट्रोल पंप, झुग्गी और सरकारी ट्यूबवेल लगे हुए हैं। यही नहीं यहां बिजली की लाइनें भी अभी तक नहीं हटाई जा सकी हैं। इस कारण यहां काम नहीं हो पा रहा है।

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