बौद्ध विहारो में वषार्वास व धम्मदेशना शुरू
भिलाई
नगर व आसपास के विभिन्न बुद्ध विहारों में त्रैमासिक वषार्वास एवं धम्मदेशना की शुरूआत हो गई है। सुगत बुद्ध विहार,अंबेडकर नगर सुपेला में भंते महेंद्र ने वषार्वास के प्रथम दिन त्रिशरण एवं पंचशील का पाठ कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
उपासकों को संबोधित करते हुए कहा कि बुद्ध के संदेश जीवन के हर क्षेत्र में हमें मार्गदर्शन करते हैं और हम सभी को धम्म का मार्ग और पंचशील का पालन करना चाहिए। इस दौरान डॉक्टर सिरसाठ, डॉक्टर वहाणे, फूलचंद खोबरागड़े ,नलिनी चौहान ,संगीता बोरकर,हुमने और तुरकाने आदि उपस्थित थे।
इसी तरह भंते महेन्द्र की उपस्थिति मे डा. अम्बेडकर सांस्कृतिक भवन सेक्टर-6 भिलाई मे वषार्वास प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर भंते महेन्द्र ने वषार्वास के महत्व एवं बोधिस्तव सिद्धार्थ गौतम के ग्रह त्याग से लेकर तथागत बुद्ध के प्रथम धम्म चक्र प्रवर्तन तक के संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र खोब्रागडे, उपाध्यक्ष इन्द्रकुमार रामटेके, महासचिव संतोष भीमटे, सहसचिव दुर्गा प्रसाद चौरे, लेखापाल प्रकाश मेश्राम, नामदेव दुफारे, अलका खोब्रागडे सहित समाज के प्रबुद्ध जन उपस्थित थे। महामाया बुद्ध विहार कल्याण समिति, कर्मचारी नगर, दुर्ग मंक में भी आषाढ़ पौर्णिमा का कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के बुद्ध उपासक-उपासिकाओ की उपस्थिति में राजनादगांव से पधारे भंते महेन्द्र ने वषार्वास का विधिवत शुभारंभ किया।
