भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच के खिलाफ अब अमेजन भी पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली
अमेजन ने बुधवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, जिसमें अमेरिकी फर्म और वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट के खिलाफ एंटीट्रस्ट जांच जारी रखने की अनुमति दी गई थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट द्वारा दायर मामलों को खारिज कर दिया, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की 2020 की जांच को खारिज करने की मांग की गई थी। सीसीआई का आरोप है कि कंपनियां जटिल व्यावसायिक संरचनाएं बनाकर भारतीय कानून को दरकिनार करती हैं।

वहीं कंपनियों ने गलत काम करने से इनकार किया है, लेकिन उच्च न्यायालय ने कहा कि उन्हें जांच का सामना करने में शर्म नहीं करनी चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट ने अधिक विवरण दिए बिना अपील लिस्ट किया है। फ्लिपकार्ट ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी। जुलाई के मध्य में प्रहरी द्वारा 32 "संवेदनशील" प्रश्न पूछे जाने के बाद सीसीआई पर संयम बरतने का अनुरोध किया था। जिसे फर्म ने "आक्रामक" जांच कहा था।
 
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग इन आरोपों की जांच कर रहा है कि दोनों कंपनियां अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा विक्रेताओं को बढ़ावा देती हैं और प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए भारी छूट का इस्तेमाल करती हैं। सीसीआई जांच अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के लिए नवीनतम झटका है, जो कठिन ई-कॉमर्स नियमों की संभावनाओं से जूझ रहे हैं। खुदरा विक्रेताओं आरोप है कि कंपनियां जटिल व्यावसायिक संरचनाएं बनाकर भारतीय कानून को दरकिनार करती हैं।
 
इससे पहले कनफेडेरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया था। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा था कि, यह आदेश आने के बाद अब अमेजॉन एवं फ्लिपकार्ट के खिलाफ जांच की कार्रवाई शुरू करने में कोई बाधा नहीं है और अब सीसीआई को तुरंत अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और भारत में उसके बिजनेस मॉडल, जिसने देश के नियमों, कानूनों एवं नीति को चकमा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

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