ऑटो-टैक्सी से गर्भवती पहुंचीं अस्पताल, कई कर्मचारी बर्खास्त

लखनऊ

108 व 102 एम्बुलेंस की हड़ताल दूसरे दिन भी बेबस मरीजों पर कहर बनकर टूटी। गर्भवती महिलाएं ऑटो-टैक्सी से अस्पताल पहुंचीं। वहीं गंभीर रूप से घायलों को भी निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ा। तड़पते मरीजों की जान बचाने के लिए तीमारदार दिन भर फोन मिलाते रहे लेकिन एम्बुलेंस नहीं मिली। एस्मा लागू होने के बाद एम्बुलेंस कर्मचारियों पर मेहरबान अफसरों पर उच्च अधिकारी सख्त हुए। इसके बाद एम्बुलेंस संचालन करने वाली कंपनी जीवीकेईएमआरआई ने मनमानी पर उतारू कर्मचारियों को बर्खाख्त कर दिया। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108-102 एम्बुलेंस संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान समेत अन्य पदाधिकारियों को नौकरी से निकाला गया है।

 

गर्भवती महिलाएं पहुंची ऑटो-ई रिक्शा से

इंटौंजा निवासी गर्भवती उर्मिला को प्रसव पीड़ा हुई। पति रोहित का कहना है कि एम्बुलेंस के लिए सुबह आठ से 102 पर फोन लगाना शुरू किया। एम्बुलेंस जल्द आने की बात कही गई। दो घंटे बाद भी एम्बुलेंस नहीं आई। नतीजतन निजी वाहन से पत्नी को लेकर क्वीनमेरी पहुंचे। समय पर एम्बुलेंस न मिलने से गर्भवती की हालत गंभीर हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसी तरह चौक निवासी शाहीन बानो को एम्बुलेंस नहीं मिली। उन्हें ई-रिक्शा से डफरिन अस्पताल लाया गया। चिनहट चौराहे के निकट सड़क हादसे में रमेश घायल हो गए। खून से लथपथ हाल में वह एम्बुलेंस के लिए घंटों तड़पते रहे। बाद में निजी वाहन से उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।

 

सांसत में सैकड़ों जानें

एम्बुलेंस के इंतजार में सैकड़ों लोगों की जान सांसत में पड़ गई। छटपटाते मरीज के परिजन एम्बुलेंस को फोन लगाते रहे लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली। तीमारदारों ने किसी तरह ई-रिक्शा, ऑटो, टेम्पो आदि से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया।

 

कर्मचारियों की मनमानी जारी

दूसरे दिन भी एम्बुलेंस का चक्का जाम कर कर्मचारियों ने आशियाना में प्रदर्शन किया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा किया। कुछ कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने को कहा। पर, नाराज संघ के पदाधिकारियों ने एक न सुनी। हड़ताल जारी रखी। देर रात तक हड़ताली कर्मचारियों को मनाने में अफसर जुटे रहे।

 

सख्ती करने से बचते रहे अफसर

हड़ताली कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के बजाए स्वास्थ्य विभाग और जीवीके के अफसरों ने सख्ती नहीं दिखाई। पूरे दिन स्वास्थ्य विभाग, जीवीके और जिगित्जा कंपनी के प्रतिनिधियों ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। अफसरों ने पदाधिकारियों को एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एम्बुलेंस कर्मचारियों को नौकरी से न हटाने का भरोसा दिलाया। पुराने कर्मचारियों को भर्ती में वरीयता भी दिलाने का वादा किया। आवशसन के बाद भी कर्मचारी प्रदर्शन करते रहे।

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