प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में विज्ञापन व्यय का मामला उठा विस में
रायपुर
देश में चौथा स्तंभ कहे जाने वाले प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में विज्ञापन व्यय का मामला मानसून सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने उठाया। इसके जवाब में वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि 1 जनवरी 2019 से 15 जून 2021 तक प्रिंट को 92,29,23,126 रुपये का तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया को 1,16,42,62,301 रुपये का विज्ञापन दिया गया। उक्त अवधि में प्रिंट मीडिया को 85,06,96,916 रुपये का तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया को 1,05,25,83,704 रुपये का भुगतान किया गया है।
इसी प्रकार भाजपा के विधायक शिवरतन शर्मा ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि प्रदेश के बाहर समाचार पत्रों व इलेक्ट्रानिक चैनलों को कितने का विज्ञापन प्रदाय किया गया और कितनी राशि का भुगतान तथा जनसंपर्क विभाग द्वारा विज्ञापन की दर के निर्धारण का आधार क्या है? जवाब में भूपेश बघेल ने बताया कि जनसंपर्क विभाग द्वारा दिसंबर 2018 से 2 जुलाई 2021 तक प्रदेश के बाहर के समाचार पत्रों को 35,48,23,122 रुपये का तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया को 26,40,37,816 रुपये का विज्ञापन प्रदान किया गया। जारी किए गए विज्ञापनों में प्रिंट मीडिया को 30,94,35,550 रुपये तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया को 24,59,88,662 रुपये का भुगतान हो चुका है तथा 5,92,23,321 रुपये का भुगतान शेष है।
जनसंपर्क विभाग द्वारा भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय (डीएव्हीपी) द्वारा निर्धादर पर, डीएव्हीपी दर स्वीकृत नहीं होने पर राज्य की विज्ञापन नियमावली के राज्य दर पर तथा विज्ञापन नियमावली 2019 की कंडिका 16 के अनुसार शासन को किसी भी समाचार पत्र-पत्रिका में उन दरों पर जो उचित समझी जाए विज्ञापन देने की पूर्ण शक्तियां हैं।
