सावन का पवित्र माह शुरू..शिवालयों में गूंजने लगे हैं जय भोले
रायपुर
आज रविवार से सावन माह प्रारम्भ हो गया है। शिव भक्तों के लिए आस्था व भक्ति का यह पुण्य महीना पूजा -अर्चना में गुजरेगा। राजधानी में शिवालयों की विशेष साज सज्जा की गई है लेकिन सभी जगहों पर मंदिर प्रबंधन की ओर से कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए ही मंदिर में प्रवेश दिया जायेगा। सावन का पहला सोमवार व्रत 26 जुलाई को है, इसी दिन जया पार्वती व्रत भी है। सावन मास की शुरूआत इस बार प्रतिपदा तिथि के क्षय के साथ हुई है। 26 जुलाई को सावन माह का पहला सोमवार, 2 अगस्त को दूसरा 9 को तीसरा, 16 को चौथा सोमवार है। इस प्रकार इस बार केवल 4 सोमवार रहेंगे। 22 अगस्त रविवार को रक्षा बंधन बनाया जाएगा, इसके साथ ही सावन पूर्णिमा के दिन सावन मास समाप्त हो जाएगा।
सावन माह से व्रत और साधना के चार माह अर्थात चातुर्मास प्रारंभ होते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार देवी सती ने अपने दूसरे जन्म में शिव को प्राप्त करने हेतु युवावस्था में सावन महीने में निराहार रहकर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया था। इसलिए यह माह शिव जी को साधना ,व्रत, उपवास करके प्रसन्न करने का और मनोवांक्षित फल प्राप्त करने के लिए विशेष उपयोगी मास है। सावन के महीने को श्रावण का महीना भी संबोधित किया जाता है। श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। इस माह में सत्संग का महत्व है। इस माह में सिर्फ सावन सोमवार ही नहीं संपूर्ण माह ही व्रत रखा जाता है। इस मास को पवित्र और व्रत रखने वाला माह माना गया है। पूरे माह में निराहारी या फलाहारी भी व्रत, साधना की जा सकती है। इस माह में शास्त्र अनुसार ही व्रतों का पालन करना चाहिए। संपूर्ण माह व्रत नहीं रख सकते हैं तो सोमवार सहित कुछ खास दिनों में ब्रह्मचर्य से रहकर व्रत यथा शक्ति दान आदि करना चाहिए। आज पहले दिन से ही शिवालयों में शिव भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और चारो ओर बस जय शिव जय भोले की गूंज सुनाई पड़ रही है।
