सेवा वृद्धि न किए जाने से नाराज कोविड स्वास्थ्य कर्मियों ने शासन के खिलाफ खोला मोर्चा
जांजगीर चांपा
जिले के कोविड स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवा वृद्धि न किए जाने नाराज कर्मियो ने 26 जुलाई को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने उनकी मागे नही मानी तो वे उग्र आन्दोलन करेगे।इस आंदोलन में जिले के सभी अस्थाई कोविड कर्मचारी शामिल रहेंगे।
कोरोना काल के दौरा अपनी जान की परवाह किए बगैर जिन कोरोना योद्धाओं ने लोगों का साथ दिया जिन्होंने विपदा की घड़ी में आगे आकर मानव सेवा की आज वह अपने रोजगार को लेकर दर्द को भटकने पर मजबूर हो रहे हैं जो छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात कहती हो बेरोजगारी दर घटाने की बात कहती हो आज वही छत्तीसगढ़ सरकार कोरोना योद्धाओं का रोजगार छिन उन्हें बेरोजगार बना रहे हैं दरसल में प्रदेश में कोरोना संक्रमण दर कम होने पर अब अस्थाई रूप से पदस्थ किए गए स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा समाप्ति की जा रही है जिसकी वजह से स्वास्थ्य कर्मियों में अच्छा खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
अब स्वास्थ्य कर्मी प्रदेश स्तर पर आंदोलन की तैयारी में हैं बिलासपुर में पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं वहीं जांजगीर-चांपा जिले में 26 जुलाई को जिला स्तरीय आंदोलन होने जा रहा है और ऐसे ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी अब आंदोलन की तैयारी चल रही है. स्वास्थ्य कर्मियों की मांग है कि एनएचएम के तहत विभिन्न योजनाओं में उन्हें सम्मिलित कर उन्हें कार्य पर निरंतर रखा जाए और यह आंदोलन जिला स्तर से शुरूआत होकर प्रदेश स्तर की तैयारी चल रही है।
कोरोना योद्धाओं की फरियाद कोई सुनने वाला नहीं
कोविड स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अपनी सेवा वृद्धि की मांग को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला पंचायत सीईओ कलेक्टर के साथ-साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री और राज्यपाल के भी नाम ज्ञापन सौंपा जा चुका है लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकती प्रदेश में अभी भी कोरोना का कहर जारी है ऐसे हालात में सेवा समाप्ति किया जाना भी समझ से परे है।
अगर मांग पूरी नहीं तो करेंगे और बड़ा उग्र आंदोलन
छत्तीसगढ़ कोविड-19 कर्मचारी संघ के जांजगीर चांपा के जिलाध्यक्ष अनीता राठौर ने बताया कि 30 जून के बाद से घर में बैठी हैं सेवा वृद्धि की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों के दफ्तर गए जिला के प्रभारी मंत्री से भी मिले लेकिन अब तक उनकी मांगों को कोई सुनने वाला नहीं है सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। लेकिन अब तक उनकी सेवा वृद्धि का कोई भी आदेश नहीं आया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान कोविड स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की सेवा की लेकिन बदले में उन्हें सरकार ने बेरोजगार कर दिया हम सभी की मांग है कि हमें एनएचएम में मर्ज कर हमारी सेवा जारी रखा जाए और अगर हमारी मांग पूरी नहीं होगी तो हम भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए भी बाध्य होंगे।
