दो जिलों के अध्यक्षों को हटाकर पार्टी ने दिया संकेत

भोपाल
संगठन में विधायकों को महत्व देने के लिए अब पार्टी ऐसे जिला अध्यक्षों को पद से हटा सकती है, जिनकी अपनी ही पार्टी के विधायकों से ट्यूनिंग नहीं जम रही है। प्रदेश कांग्रेस ने हाल में में जिला अध्यक्षों को बदलकर यही संकेत देने का प्रयास किया है। इसमें विदिशा और भिंड जिला कांग्रेस के अध्यक्षों की अपने जिलों में कांग्रेस के टिकट पर जीते विधायकों से पटरी नहीं बैठ रही थी। कांग्रेस ने हाल ही में तीन जिलों के अध्यक्षों को बदला है। इनमें से विदिशा और भिंड के जिला अध्यक्ष और इस जिले के विधायकों में पिछले कई महीनों से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था।

विदिशा के विधायक शंशाक भार्गव यहां के जिला अध्यक्ष कमल सिलाकारी को हटवाने के प्रयास में थे। वहीं भिंड के जिला अध्यक्ष जयश्रीराम बघेल को कांग्रेस के सीनियर एमएलए डॉ. गोविंद सिंह हटवाना चाहते थे। दोनों ही जिलों में संगठन के प्रमुख से विधायकों की पटरी नहीं बैठ रही थी।  इसके चलते इन दोनों जिलों में अध्यक्ष को बदला गया। बताया जाता है कि विदिशा जिला अध्यक्ष कमल सिलाकारी कुछ महीने पूर्व ही पद से हटाए जाने की बात कमलनाथ सहित प्रदेश कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों से कह चुके थे। हालांकि माना यही जा रहा है कि उनकी विदिशा विधायक से ट्यूनिंग नहीं जम पा रही थी। वहीं जयश्री राम बघेल,  डॉ. गोविंद सिंह के खिलाफ कई बार बयान दे चुके है। ऐसे में डॉ. गोविंद सिंह उन्हें हटाने के लिए प्रयासरत थे। इन दो जिलों के अध्यक्षों को हटाये जाने के बाद संगठन ने यह संकेत दिया है कि विधायकों से ट्यूनिंग नहीं होने पर पदाधिकारियों के पद जा सकते हैं।

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