महाड में चट्टान खिसकने से 36 लोगों की मौत,80-90 शव के मलबे में दबे होने की

महाड

महाराष्ट्र (Maharashtra)  में भारी बारिश और नदियों में उफान आने से लोग बुरी फंस गए हैं. मुंबई से सटे रायगढ़ जिले के महाड में कुल तीन जगहों पर भूस्खलन हुआ है.तीन जगहों पर भूस्खलन होने से कई घर दब गए हैं, जिसमें 36 लोगों की मौत हुई है. यहां के तलई  में 32 लोगों की मौत हुई है और साखर सुतार वाड़ी में चार लोगों की मौत हुई है. दोनों जगहों पर करीब 15 लोगों को बचाया गया है.वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक इन 35 घरों से हर घर से 3 से 4 सदस्य भी हो तो कम से कम मलबे के नीचे 80 से 90 सदस्यों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।. महाड में सावित्री नदी खतरे के निशान से ऊपर बहकर सब कुछ डुबा रही है. महाड और खेड में NDRF और कोस्टगार्ड की मदद ली जा रही थी.अब बचाव के लिए नौसेना की टीम भी मदद कर रही है. महाड से थोड़ा पहले दासगांव, टोल नाके के पास नौसेना की टीम अपने साथ लाए बोट पानी में उतारकर मदद कर रही है. इसके आगे सड़क पर भी पानी भरा है.

वहीं फिलहाल रातभर से बारिश रुकी होने की वजह से रत्नागिरी के खेड़ में जहां बाढ़ का पानी जमा हुआ था वह अब उतरने लगा  है. चिपलूण में अब भी पानी भरा है. हजारों लोग अब भी फंसे हैं. उनके रिश्तेदार जो चिपलूण से बाहर हैं, वे सोशल मीडिया के जरिये अपनों को वहां से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं. इगतपुरी में कसारा घाट पर चट्टान खिसकने और  तेज बारिश से मध्य रेल की पटरी तक बह गई, मुंबई से सटे कल्याण और भिवंडी को भी बारिश के पानी ने अपनी आगोश में ले लिया. सांगली में भी  कृष्णा नदी में भी पानी तेजी से भर रहा है. नदी का पानी खतरे के निशान के करीब कभी भी पहुंच सकता है इसलिए आसपास के इलाकों में लोगों को घर खाली कर सुरक्षित जाने की चेतावनी दी गई है.

उधर, महाराष्ट्र के कोंकण रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो गई और करीब छह हजार यात्री फंस गए है. भारी बारिश की वजह से मुंबई सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है.  कोल्हापुर जिले में भारी बारिश के चलते सड़कों के जलमग्न हो जाने पर करीब 47 गांवों का संपर्क टूट गया है और 965 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा. बारिश से हालात इतने खराब है कि एक महिला सहित दो लोग पानी में बह गए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *