माफिया अतीक अहमद के करीबी ने कर दी 45 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग, पीडीए ने पुलिस को भेजा गया पत्र

प्रयागराज
अतीक अहमद सैकड़ों मील दूर अहमदाबाद की जेल में है लेकिन उसके गुर्गों व करीबियों के कारनामे जारी हैं। ताजा मामला माफिया के करीबी रहे प्रॉपर्टी डीलर का है, जिसने 45 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर दी। जानकारी मिलने पर विकास प्राधिकरण के अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में प्रॉपर्टी डीलर व उसके साथी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया। साथ ही प्लाटिंग का काम रुकवाने को एक पत्र भी पुलिस को भेजा गया है।

मामला पूरामुफ्ती के बम्हरौली स्थित रसूलपुर मरियाडीह का है। सूत्रों का कहना है कि अतीक अहमद के करीबी प्रॉपर्टी डीलर व उसके पार्टनर ने यहां स्थित 45 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर दी। यहां ऊंचे टीले को काटकर पहले जमीन का समतलीकरण कराया गया। इसके बाद कच्ची रोड व रास्ते का निर्माण कराया गया। यही नहीं, विद्युत पोल लगवाकर ऊंची बाउंड्रीवाल भी खड़ी करवा दी गई।

यह सारे काम बिना विकास प्राधिकरण से अनुमति लिए कराई गई। जो उप्र नगर योजना और विकास अधिनियम 1973 की धारा 14 व धारा 15 का उल्लंघन है। मामले की जानकारी मिली तो हड़कंप मचा। जिसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से प्रॉपर्टी डीलर व उसके पार्टनर के खिलाफ नोटिस जारी किया गया। इसमें कारण बताने के साथ ही प्लाटिंग संबंधी काम रोकने का भी आदेश जारी किया गया है। साथ ही आदेश की एक प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रेषित करते हुए पुलिस की सहायता से काम रुकवाने का आग्रह किया गया है।

प्रॉपर्टी डीलर व उसके पार्टनर के नाम से जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना प्राधिकरण की अनुमति अवैध प्लाटिंग की जा रही है। ऐसे में 29 जुलाई को प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत होकर बताएं कि उक्त निर्माण को क्यों न गिरा दिया जाए। नोटिस में यह भी बताया गया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लिए प्लाटिंग किए जाने पर संबंधित को अर्थदंड दिया जा सकता है। यह 50 हजार रुपये तक हो सकता है और जारी रहने की दशा में दोष सिद्धि की तिथि से प्रतिदिन 2500 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना संबंधित से वसूला जा सकता है।

खास बात यह है कि जिस प्रॉपर्टी डीलर ने अवैध प्लाटिंग की, उसकी ओर से कुछ दिनों पहले सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने का मामला भी सामने आया था। राजस्वकर्मियों की जांच में कुल 1.827 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जे की बात सामने आई थी। लगभग 22 हजार वर्ग गज इस जमीन की कीमत कम से कम 22 करोड़ है। इस मामले में जांच रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई को आदेशित भी किया गया। लेकिन इसके बाद मामला ठंडा पड़ गया। जिसे लेकर तरह-तरह के सवाल भी उठे थे।

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