मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया याद और नमन
रायपुर
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त को पुण्यतिथि तथा लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद और पंडित रामदयाल तिवारी को उनकी जयंती पर याद करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नमन किया।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जनप्रिय राजनेता स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त की 23 जुलाई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने बिसाहू दास महन्त को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि उनका पूरा जीवन जनसेवा से जुड़ा रहा। महन्त ने अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक तथा मंत्री के रूप में प्रदेश के विकास के लिए अपनी अमूल्य सेवाएं दी है। उन्होंने लोगों की बेहतरी के लिए क्षेत्र में खेती-किसानी, सिंचाई तथा सड़कों के कार्यों को बखूबी अंजाम दिया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि स्वर्गीय महन्त के आदर्शों के अनुरूप नवा छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध हैं। उनके बताये जनकल्याण के मार्ग पर चलकर प्रदेश में विकास को नये आयाम देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उन्हें नमन किया है। भारत की आजादी के लिए इन वीर सपूतों का संघर्ष याद करते हुए बघेल ने कहा कि तिलक जी और आजाद जी ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। बघेल ने कहा कि स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और इसे मैं लेकर रहूंगा जैसे फौलादी नारों से लोकमान्य तिलक जी ने स्वाधीनता संग्राम को एक नई दिशा दी। गणेश उत्सव की शुरूआत कर उन्होंने लोगों को एक सूत्र में बांधा। चंद्रशेखर आजाद के बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद जी की राष्ट्रभक्ति आज भी हजारों युवाओं में देश के प्रति सम्मान और नई ऊर्जा का संचार करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के लिए इन महापुरूषों का संघर्ष और अमर बलिदान हमें सदा प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने पंडित रामदयाल तिवारी की जयंती 23 जुलाई के अवसर पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि पंडित जी गंभीर चिंतक और लेखक ही नहीं, अच्छे वक्ता भी थे। स्वाधीनता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए उन्होंने अपनी वाणी और लेखनी का भरपूर उपयोग किया।
