सरकार ने दी पीएचडी की मौखिक परीक्षा लेने की छूट

पटना
बिहार के विश्वविद्यालयों में अब शोध कार्यों को गति मिलेगी। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों में लंबित पीएचडी के कार्यों को फिर से आरंभ करने का फैसला किया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में 5 अप्रैल से ही ये बंद थे। 

मंगलवार को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने यहां लंबित पीएचडी की मौखिक परीक्षा से संबंधित कार्य आरंभ कर सकते हैं। उन्होंने कुलपतियों को शिक्षा विभाग के इस निर्णय से अवगत कराते हुए ‘वाइवा’ का कार्य कोविड-19 हेतु निर्गत गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए आरंभ करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इसको लेकर पूर्व में दिए गए निर्णय को संशोधित माना जाएगा। 

गौरतलब है कि राज्य के सभी कॉलेज, स्कूल, विश्वविद्यालय समेत सभी शिक्षण संस्थान कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए 5 अप्रैल 2021 से ही बंद कर दिए गए थे। कोरोना संक्रमण की दर में कमी को देखते हुए इसी माह 12 जुलाई से दसवीं के ऊपर के स्कूल-कॉलेज व विश्वविद्यालय खोले गए हैं लेकिन सरकार ने विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने पर रोक लगा रखी थी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी की पहल पर अब अपर मुख्य सचिव ने पीएचडी वाइवा लेने की छूट संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। 

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