सेडमैप और जनजातीय विश्वविद्यालय के बीच एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने करार हुआ

भोपाल

सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा की मौजूदगी में उद्यमिता विकास केंद्र सेडमैप तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए। इस अवसर पर कुलपति प्रो श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, एमएसएमई के सचिव विवेक कुमार पोरवाल सहित सेडमैप और विश्वविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर मंत्री सखलेचा ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर उद्यमिता स्थापित करवाना है , जिसके अंतर्गत युवाओं को कंपनी का रजिस्ट्रेशन, उद्यम हेतु डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन की रिपोर्ट . उद्यम के प्रोडक्शन का क्वालिटी कट्रोल करने के लिए आवश्यक लाइसेंस तथा प्रोडक्ट को वैश्विक बाजार में बेचने के लिए अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस , मार्केटिंग के लिए बड़े व्यापारिक संस्थानों से टाईअप लोकल के लिए बोकल मार्केटिंग की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन और रासायनिक उत्पाद, कृषि उपकरण और मशीनरी निर्माता, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और पार्ट्स. मशीनरी और एग्रो हॉर्टिकल्चर सेक्टर, बेसिक मेटल इंडस्ट्रीज, हार्डवेयर हैंडीक्राफ्ट सेक्टर, ड्रिंक्स एंड बेवरेज सेक्टर, बम्बू वर्क सेक्टर आदि में सहयोग करेंगे।

मंत्री सखलेचा ने उम्मीद जताई कि सेडमैप तथा राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अपने आधारभूत दायित्व के साथ उद्यमिता विकास की इस परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है। समर्थ एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी तथा उद्यमिता निर्माण को लेकर कार्य शुरू कर दिया है। इससे प्रधानमंत्री के "लोकल पर वोकल" के मंत्र से युवा उद्यमी बनकर आर्थिक विकास में अपनी भागीदारी निभा सकें जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम आर्थिक विकास के इंजन के रूप में और समग्र विकास को बढ़ावा देगा।

एमएसएमई के सचिव विवेक कुमार पोरवाल ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के युवा उद्यम को स्थापित करने की प्रक्रिया गत तकनीकी को समझ पाएंगे। कुलपति प्रो त्रिपाठी ने भी इस अवसर पर सम्बोधित किया।

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