मंत्रियों की नहीं पट रही अफसरों से, तीन ACS के विभाग बदलने के आसार

भोपाल
मध्यप्रदेश में कोई एक साल बाद  मंत्रालय में बड़े पैमाने पर फेरबदल की चर्चा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस फेरबदल में 3 ACS और एक दर्जन PS के विभागों में फेरबदल किया जा सकता है। कुछ विभागाध्यक्ष और दो तीन कमिश्नर को बदलने की भी चर्चा है।
 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान को ऊर्जा जैसे बड़े विभाग की कमान सौंपी जा सकती हैं। शिवराज के दूसरे तीसरे कार्यकाल में सुलेमान ऊर्जा विभाग संभाल चुके हैं। इसी प्रकार मलय श्रीवास्तव, जेएन कंसोटिया के विभागों में भी फेरबदल हो सकता है।

 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार CM सारे मंत्रियों से एक-एक करके चर्चा कर रहे हैं। वे अपनी चर्चा के दौरान अपने विभाग के अधिकारियों के बारे में भी उनसे राय ले रहे हैं।  माना जा रहा है कि इस बार मंत्रियों की राय को सीएम तवज्जो देने वाले हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषि मंत्री कमल पटेल अपने विभाग के अधिकारियों से खुश नहीं है। माना जा रहा है कि एसीएस कृषि अजीत केसरी को हटाया जा सकता है।

 पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया अपने विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के कामकाज से खुश नहीं हैं। उमराव को भी बदलने की चर्चा है। उमराव की जगह किसी अपर मुख्य सचिव को पदस्थ किए जाने की चर्चा है। शहरी विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह अपने प्रमुख सचिव मनीष सिंह और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के कमिश्नर  अजीत कुमार की कार्य प्रणाली से खुश नहीं है। माना जा रहा है कि अगले फेरबदल  में इन दोनो अधिकारियों की अपने विभाग से छुट्टी हो सकती है।

खनिज विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह की अपने मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह से  पटरी नहीं बैठ पा रही है। इसी प्रकार जगदीश देवड़ा प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी से कुछ मामलों को लेकर नाराज हैं। इन दोनों अधिकारियों के बदलने की संभावना मंत्रियों की नाराजगी के बाद भी बहुत कम है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव इनके काम से खुश हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सेल टैक्स कमिश्नर राघवेंद्र सिंह अब प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी हैं।अतः उन्हें मंत्रालय में प्रमुख सचिव बनाकर किसी महत्वपूर्ण मंत्रालय में पदस्थ करने की चर्चा है।

अपर मुख्य सचिव सुलेमान, मलय श्रीवास्तव और जै एन कंसोटिया के विभाग को भी बदला जा सकता है। मलय श्रीवास्तव को ग्रामीण विकास विभाग की कमान सौंपी जा सकती है। जेएन कंसोटिया भी पिछले सालों से पशुपालन विभाग का काम देख रहे हैं। उन्हें इससे बेहतर विभाग मिलने की संभावना है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान के शिफ्टिंग की भी चर्चा है। सुलेमान को पिछले कई दिनों से हटाए जाने की चर्चा प्रशासकीय गलियारों में चल रही है। उन्हें अगर हटाए भी जाएगा तो बेहतर विभाग में भेजा जाएगा।

 2007 बैच के अफसर ओ पी श्रीवास्तव, जो फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में है, वह किसी बड़े जिले का कलेक्टर बनाया जा सकता है। ग्वालियर के लिए ओपी श्रीवास्तव का नाम चर्चा में है। वे पूर्व में भी रीवा सहित दो तीन जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं। वैसे भी बताया गया है कि श्रीवास्तव मुख्यमंत्री सचिवालय में अपने वर्तमान दायित्व से खुश नहीं है और स्वयं वहां से हटने की कोशिश कर रहे हैं।
 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस फेरबदल में एक दर्जन जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को भी बदलने की चर्चा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अगला प्रशासनिक फेरबदल बड़े पैमाने पर होगा और चौंकाने वाला हो सकता है।

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