कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए तैयार किए जाएंगे 6000 ट्रांजिट फ्लैट, काम में तेजी लाने के निर्देश 

श्रीनगर
साल 1990 में जम्मू-कश्मीर से पलयन कर चुके कश्मीरी पंडितों की केंद्र शासित प्रदेश में फिर से वापसी के लिए काम तेज कर दिया गया है। उपराज्यपाल प्रशासन कश्मीर में पंडित परिवारों के लिए 6,000 से अधिक आवासों को तैयार करने के काम को तेज कर दिया है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से घाटी में प्रवासी समुदाय की वापसी को बढ़ावा देने के लिए कश्मीरी पंडितों के पंजीकरण का भी काम तेज हो गया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण (डीएमआरआर एंड आर) विभाग की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कश्मीरी पंडित समुदाय की वापसी की सुविधा के लिए सक्रिय कदम उठाने का निर्देश दिया। मनोज सिन्हा ने कहा, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और देश और विदेश के अन्य हिस्सों में रहने वाले कई कश्मीरी पंडित परिवार हैं जो घर लौटने या खुद को पंजीकृत करने के इच्छुक हैं। संचार के उचित माध्यमों का उपयोग कर उन तक पहुंच बनाने की जरूरत है। 

जम्मू-कश्मीर प्रशासन कश्मीर में प्रवासी पंडित कर्मचारियों के लिए 6,000 ट्रांजिट फ्लैट स्थापित कर रहा है, जिसमें दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में 208 और मध्य कश्मीर के बडगाम में 96 शामिल हैं। इसके अलावा गांदरबल, शोपियां, बांदीपोरा और उत्तरी कश्मीर के बारामूला और कुपवाड़ा जिलों में 1,200 ट्रांजिट आवास तैयार किए जाएंगे। मामले से संबंधित अधिकारी ने बताया कि सात अलग-अलग स्थानों पर ट्रांजिट फ्लैटों के लिए जमीन की पहचान की जा चुकी है। उपराज्यपाल ने कहा, 'सबसे पहले, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कश्मीरी प्रवासियों की पूरी आबादी जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ पंजीकृत हो।' 

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