जनवरी बाद पहली बार कोरोना महामारी के 50 हजार से अधिक केस

लंदन
अमेरिका के साथ ब्रिटेन में कोरोना महामारी एक बार फिर बेकाबू हो चली है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में जनवरी के बाद पहली बार 51,870 नए मरीज मिले हैं। एक सप्ताह में संक्रमण दर में 45 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह मौतों के आंकड़े में भी दो तिहाई बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ब्रिटेेन के सॉलिसिटर जनरल क्रिश विटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि संक्रमण जितनी तेजी से फैल रहा उसे देखते हुए देश एक बार फिर से लॉकडाउन की स्थिति में जा सकता है। वहीं पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) का दावा किया है कि पिछले सप्ताह 10,267 युवा पुरुषों में संक्रमण मिला जबकि इसके अनुपात में महिलाओं की संख्या कम थी।

किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ब्रिटेन में कोरोना महामारी आने वाले समय में पूरी तरह बेकाबू हो सकती है। पिछले सप्ताह ही इसके संकेत मिलने लगे थे जब हर दिन 33,118 लोगों में वायरस की पुष्टि होने लगी थी।

ब्रिटेन में संक्रमण के बढ़ते मामले को देख पीएचई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि महामारी की शुरुआत होने के बाद पहली बार युवाओं में बड़े स्तर पर संक्रमण के मामले मिल रहे हैं।

सबसे हैरानी की बात ये है कि इसमें वो लोग भी शामिल हैं जिन्हें टीके की दोनों या एक डोज लग चुकी है। ब्रिटेन के उत्तरपूर्व और यॉर्कशायर में संक्रमण की रफ्तार अधिक है और यहां डेल्टा वैरिएंट के मामले भी अधिक मिल रहे हैं।

ब्रिटेन के महामारी रोग विशेषज्ञ प्रो. टिम स्पेक्टर का कहना है कि डेल्टा वैरिएंट के साथ कोरोना महामारी आक्रामक हुई है। संक्रमण की दर बढ़ रही है लेकिन घटने की दर दूसरी लहर की तुलना में धीमी है। इससे ये तो स्पष्ट है कि आने वाले समय में अस्पतालों में भीड़ बढ़ने से बेड की किल्लत होगी, समय पर इलाज न मिलने से मौतों का ग्राफ बढ़ेगा। टीका न लगवाने वाले लोग हालात को और खराब करेंगे।

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