महाकोशल के तीरंदाज अमित कुमार पोलैंड में दिखयेंगे दम

जबलपुर
 संस्कारधानी महाकोशल के होनहार, उदीयमान खिलाड़ी अमित कुमार ने बड़ी कामयाबी हासिल की है, या यूं कहें कि इस होनहार बेटे की मेहनत रंग लाई है। उसे भारतीय टीम में चुना गया है। अब वो अगस्त में पोलैंड के वो रॉकला सिटी में अपना करतब दिखाएगा।

अमित कुमार मध्य प्रदेश तीरंदाजी एकेडमी, जबलपुर का प्रशिक्षु है। उसे "कैडेट विश्व तीरंदाजी प्रतियोगिता "के लिए भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। यह प्रतियोगिता पोलैंड के रॉकला सिटी में 9 से 15 अगस्त तक आयोजित है।

अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बने अमित कुमार उत्तर प्रदेश के मथुरा के मूल निवासी हैं। हाल ही में कोरोना संक्रमण के चलते अमित से मां का आंचल छिन गया। उनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे अमित कुमार ने संघर्ष करते हुए इस मुकाम को हासिल किया है। वो बताते हैं कि उन्हें महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के जीवन से उन्हें प्रेरणा मिलती है। वो अपनी सफलता का श्रेय कोच रिजपाल को देते हैं। अमित का कहना है कि विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में पहुंचना उनका सपना था। लेकिन अब उन्होंने ओलंपिक को अपना टारगेट बना लिया है।

अमित ने पांच साल पहले तीरंदाजी एकेडमी ज्वाइन की थी। उसके बाद लगातार दिन रात मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया है। अमित के कोच रिजपाल का कहना है ये उनके और एकेडमी दोनों के लिए गर्व की बात है कि अमित कुमार तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में शिरकत करने के लिए जा रहे हैं। अमित कुमार इस एकेडमी के 11 वें ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने जा रहे हैं।

अमित कुमार मध्य प्रदेश राज्य तीरंदाजी अकादमी जबलपुर में 2016 से ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रेनर रिजपाल सिंह सलारिया उन्हें तीरंदाजी की बारीकियां सीख रहे हैं। अमित ने वर्ष 2018 में पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के टीम इवेंट में मध्य प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाया था। इसी वर्ष विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में हुई मिनी राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और मिक्स टीम इवेंट में मध्य प्रदेश को रजत पदक दिलाया। फिर मार्च, 2021 में देहरादून (उत्तराखंड) में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य और मिक्स टीम स्पर्धा में मप्र को रजत पदक दिला चुके हैं।

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