लगातार ट्रेन की मूवमेंट हो रही थी ट्रैक, लोकल स्लीपर सेल की कुंडली खंगाल रही एनआईए

 दरभंगा 
पार्सल ब्लास्ट की जांच के लिए पहुंची एनआईए की टीम बुधवार को लगातार तीसरे दिन कई संदिग्धों की कुंडली खंगालने में जुटी रही। दरभंगा जंक्शन के दरभंगा हॉल में बारी-बारी से बुलाकर एनआईए ने कई लोगों से पूछताछ की। पिछले तीन दिनों से एनआईए के यहां जमे रहने से कयास लगाए जा रहे है कि जांच एजेंसी को दरभंगा से जुड़ा कोई सुराग मिला है, जिसे लेकर गंभीरता से तहकीकात की जा रही है। 

दरभंगा पहुंचने के बाद एनआईए के अधिकारियों ने बारी-बारी से कई चश्मदीदों का बयान कलमबद्ध किया था। बताया जाता है कि सभी बयानों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों के बयान से भी इन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एनआईए की सात सदस्यीय टीम के तीन दिनों से यहां कैंप करने को लेकर यह भी कयास लगाया जा रहा है कि कई लोकल स्लीपर सेल भी साजिश में शामिल हो सकते हैं जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है। 

गोपनीयता भंग होने को लेकर एनआईए की ओर से जांच के संबंध में भी फिलहाल कुछ भी नहीं बताया जा रहा है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि कई संदिग्ध मोबाइल नंबर जांच एजेंसी के रडार पर हैं। इनमें कई ऐसे नंबर भी शामिल हैं जिनके माध्यम से 15 से 17 जून तक सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस की लगातार इंटरनेट पर ट्रैकिंग की गई थी। ट्रेन की मूवमेंट पर पल-पल नजर रखी गयी थी।

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