महंगे तेल के चलते स्वास्थ्य समेत दूसरे जरूरी खर्च में भी कटौती करने को मजबूर हुए लोग: एसबीआई रिसर्च

नई दिल्ली 
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि ने न केवल पिछले कुछ महीनों में महंगाई को बढ़ाने का काम किया है, बल्कि उपभोक्ता जरूरी खर्चों को कम करने के लिए भी मजबूर हुए हैं। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, महंगे तेल के चलते उपभोक्ता स्वास्थ्य समेत दूसरे जरूरी खर्च में कटौती कर रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एसबीआई कार्ड के खर्च के पैटर्न को विश्लेषण करने से संकेत मिला है कि ईंधन पर बढ़े हुए खर्च को समायोजित करने के लिए उपभोक्ता स्वास्थ्य समेत दूसरे खर्च में कटौती कर रहे हैं। एसबीआई रिसर्च के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा कि ईंधन खर्च बढ़ने के बाद उपभोक्ता किराना समेत दूसरे जरूरी खर्चों में कमी कर रहे हैं, जिससे इन वस्तुओं की मांग में कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन पर खर्च का हिस्सा मार्च 2021 के मुकाबले जून 2021 में 62 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत हो गया। अप्रैल-मई 2020 में, गैर-विवेकाधीन खर्चों की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर ऐसे समय में आई है, जब देश भर के अधिकांश परिवार कोविड महामारी और बढ़ती कमोडिटी की कीमतों के कारण उच्च चिकित्सा खर्चों से जूझ रहे हैं। ये उनके मासिक बजट को बिगाड़ रहा है। इसके चलते लोगों की बचत प्रभावित हुई। बहुत सारे परिवार बढ़े खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी बचत का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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