PWD इंजीनियर के यहाँ EOW का छापा, नगदी , जेवर और करोड़ों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले

ग्वालियर
ग्वालियर के बेहिसाब प्रॉपर्टी बनाने वाला प्रभारी SDO रवींद्र सिंह कुशवाह लोक निर्माण विभाग का कर्मचारी है। तृतीय श्रेणी वर्ग में वह सब इंजीनियर है, लेकिन उसकी इस दौलत का रास्ता रेस्ट हाउस और सरकारी बंगलों से होकर जाता है। वह अपनी सर्विस के दौरान रुकने वाले मंत्री, IAS, IPS की आवभगत करता और उनसे नजदीकियां बनाकर लाभ उठाता था। कभी किसी के घर की मरम्मत करा देता, तो कभी किसी के ठहरने के लिए इंतजाम कर देता। सीनियर अधिकारी उसके खिलाफ मोर्चा बंदी न कर पाएं, इसलिए वह कर्मचारी नेता बना घूमता था। अब EOW ने उसकी काली कमाई का राज खोला है। ऐसे में विभाग में भी उसके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

पड़ताल में सामने आया कि वह ओल्ड गेस्ट हाउस का कर्ता-धर्ता लंबे समय तक रहा। गेस्ट हाउस में तमाम बड़े नेता और अफसर टूर के दौरान रुकते थे। यहीं से वह उनके संपर्क में आता गया और पूरे प्रदेश में अपनी ‘धाक’ बनाकर काली कमाई करता गया।

विभागीय अफसरों ने बताया कि SDO का प्रभार भी उसे इस धाक और दबाव के चलते मिला था। इसके अलावा गांधी रोड और झांसी रोड के VIP सरकारी बंगलों में रहने वाले IAS, IPS अफसर और मंत्री व न्याय विभाग के लोगों से गहरे संबंध बनाए। इन अफसरों और राजनेताओं की खूब आवभगत कर विश्वास हासिल किया और घुसपैठ बनाई।

IAS, IPS अफसरों के गुडविल में रहकर PWD के सीनियर अफसरों पर आसानी से दबाव बना लेता था। विभाग में अफसर पर राजनेताओं की दम पर दबदबा बनाता था। इंजीनियरिंग डिप्लोमा एसोसिएशन का नेता बनकर खुद को प्रभावी बताने में भी नहीं चूकता।

दरअसल ईओडब्लू को शिकायत मिली थी कि पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रविन्द्र कुशवाह ने पद का दुर्पयोग करते हुए कालेधन से संपत्ति अर्जित की है। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद  आर्थिक अपराध अंवेषण ब्यूरो की टीम ने आज कार्रवाई करते हुए एसडीओ के आवास पर कार्यवाई शुरु कीहै। बताया जा रहा है कि शाम तक लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर ने कुल संपत्ति का अर्जन किया है इसके साथ ही ईओडब्लू एसडीओ के बैंक खातों और लॉकर की भी जांच करेगी। 

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