नेमावर जघन्य हत्याकांड के दोषियों को मिले मौत की सजा -मंत्री कमल पटेल

बालाघाट
 मप्र (MP) के देवास (dewas) जिले के नेमावर (Nemawar ) में 5 लोगों की निर्मम हत्याकांड कर उनके शवों को जमीन में दफनाने के जघन्य मामले को लेकर जहां बसपा, सर्व आदिवासी समाज और कांग्रेस आरोपियों को फांसी की मांग कर रही है। तो वहीं प्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने भी आरोपियों को फांसी की सजा दिये जाने की बात कही है। बालाघाट में भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के विवाह समारोह कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मंत्री कमल पटेल ने समारोह में जाने से पहले कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से चर्चा की।

इस दौरान नेमावर हत्याकांड को लेकर किये गये सवाल के जवाब में कृषि मंत्री कमल पटेल ने मामले को जघन्य हत्याकांड बताते हुए कहा कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित पूरी केबिनेट ने निंदा की। नेमावर हत्याकांड के आरोपियों के मामले को फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलाकर आरोपियों को फांसी की सजा दिया जाना चाहिये। बतादें कि यह प्रदेश शासन के पहले मंत्री है, जिन्होंने आरोपियों को फांसी की सजा दिये जाने की वकालत की है। चूंकि इस मामले में प्रदेश में राजनीति भी तेज हो गई है और ट्वीटर पर भाजपा एवं कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच ट्वीटरवार चल रहा है, ऐसे में मंत्री कमल पटेल के बयान ने मामले को ठंडा करने का काम किया है, जिसको लेकर बसपा, सर्व आदिवासी समाज और कांग्रेस मांग कर रही थी। हालांकि इस मामले में उन्होंने राजनीति नहीं किये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है और दोषियों को उसके अपराध के अनुसार सजा मिलेगी। नेमावर हत्याकांड को लेकर प्रदेश में कांग्रेस, बसपा और सर्व आदिवासी समाज सरकार पर हमलावर हो गया है, जहां नेमावर पीड़ित परिवार से स्वयं कमलनाथ ने मुलाकात कर आर्थिक मदद का ऐलान किया। वहीं मामले में आरोपियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस ट्वीटर पर आमने-सामने है।

6 जुलाई को बालाघाट (Balaghat) पहुंचे कृषि मंत्री कमल पटेल ने कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अपने साल भर के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड रखते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन इस लक्ष्य को एक साल पहले ही प्रदेश की भाजपा सरकार ने कृषि मंत्रालय की नीतियों से हासिल कर लिया है और सरकार लगातार कृषि को लाभ का धंधा बनाने में लगी है। प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिये है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ढाई एकड़ तक के किसानों का भी फसल बीमा किया जायेगा। जिसका प्रिमियम सरकार भरेगी। वहीं भविष्य में किसानों को और अधिक सशक्त एवं आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम प्रदेश सरकार करने जा रही है।

प्रेसवार्ता में मंत्री कमल पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी किसानों की कर्ज माफी को लेकर हमला करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों का कर्ज माफ नहीं कर उन्हें कर्जदार बना दिया। मंत्री पटेल यही नहीं रूके और उन्होंने कहा कि देश में 60 सालों में कांग्रेस ने देश के लिए कुछ नहीं किया, भले ही देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था लेकिन गांव गुलाम थे, जिन्हें मोदी सरकार ने आजाद किया है।

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