बीच कांफ्रेंस में जब टपक पड़ी बारिश की बूंदे, पीएसओ ने बचाया रमन को भिगने से

रायपुर
पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह वीआईपी रोड स्थित अपने बंगले में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे, इसी दौरान राजधानी रायपुर में दोपहर को तेजी बारिश शुरू हो गई और बीच कांफ्रेंस में छत से पानी की बूंदे टपकने लगा। इसे देख रमन सिंह के पीआरओ ने कहीं से छतरी का इंतजाम किया और उन्हें भिगने से बचाया। इस दौरान रमन सिंह राज्य सरकार पर किसानों को खाद नहीं देने का आरोप लगाया।

रमन सिंह अपने निवास पर बने कक्ष में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे कि बाहर जोरदार बारिश शुरू हो गई। थोड़ी देर बाद इस बारिश का असर अंदर भी दिखाई देने लगा। जिस डायस पर खड़े होकर डाक्टर सिंह मीडिया से बात कर रहे थे, ठीक उसी के ऊपर छत से पानी गिरने लगा। बूंदें सीधे रमन सिंह पर गिरी, इससे वे चौंक गए। पानी गिरता देखकर उनके सिक्यूरिटी स्टाफ ने कहीं से छाते का इंतजाम किया और कमरे के अंदर ही छाता तान दिया। फिर ऐसे ही प्रेस कान्फ्रेंस पूरी हुई। इस दौरान डा. रमन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में लगभग 48 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बुआई की जाती है, खरीफ में धान एवं अन्य अनाज 40.50 लाख हेक्टेयर, दलहन 3.76 लाख हेक्टेयर, तिलहन 2.55 लाख हेक्टेयर तथा अन्य फसल 1.32 लाख हेक्टेयर बोई जाती है। इसके लिए राज्य सरकार ने केन्द्र से खरीफ फसल 2021 के लिए 10.25 लाख मैट्रिक टन खाद की मांग की थी, जो केंद्र ने दे भी दिया।

अब अचानक सीएम भूपेश बघेल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को पत्र लिखकर डेढ़ लाख मीट्रिक टन यूरिया और डेढ़ लाख मैट्रिक टन डीएपी खाद की मांग कर रहे हैं। भूपेश बघेल सरकार को उत्तर देना चाहिए कि आखिर केन्द्र सरकार द्वारा जब पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति की जा रही है, समय से की जा रही है फिर अचानक तीन लाख मैट्रिक टन की खाद की आवश्यकता राज्य को क्यों पड़ गई। केंन्द्र द्वारा भेजे गये उर्वरक का आखिर क्या हुआ, जो आज किसान खाद की कमी को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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