कैबिनेट: CM सोलर पंप योजना में सरकार ने अंशदान किया कम, छोटे किसानों को पड़ेगा भारी
भोपाल
मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना अब छोटे किसानों को भारी पड़ेगी। योजना का लाभ लेने के लिए अब किसानों को ज्यादा राशि देना होगा। राज्य सरकार इस योजना में अपना अंशदान कम करने जा रही है। मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। वहीं प्रदेश में डायल 100 योजना के संचालन के लिए अब सरकार ग्लोबल टेंडर जारी करेगी। इस प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।
डॉयल 100 की सेवाओं को प्रदेश में निरंतर रखने के लिए पूर्व स्वीकृत निविदाकार बीवीजी इंडिया लिमिटेड को एक जुलाई 2021 से एक वर्ष की अवधि अथवा नवीन निविदा की स्वीकृति की दशा में नवीन चयनित ठेकेदार द्वारा डायल 100 सेवा के संचालन का कार्य प्रारंभ करने की तिथि तक जो भी अवधि कम हो पूर्व स्वीकृत अनुबंध की शर्तोू पर मजदूरी की दरों की वृद्धि के कारण अनुबंध दरों में पंद्रह प्रतिशत अधिक बढ़ी हुई दरों पर संचालित करने करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।
प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय उर्जा विभाग द्वारा वर्ष 2017 से किसानों को सोलर पंप रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना शुरु की गई थी।
पहले को प्रावधान ये था कि एक हार्सपावर के सोलर पंप के लिए कुल लागत एक लाख 14 हजार पांच रुपए आती है। इसमें से केन्द्र सरकार 31 हजार 592 रुपए अनुदान देती है। मध्यप्रदेश सरकार अभी 63 हजार 413 रुपए का अनुदान देती है। इसमें उर्जा विकास निगम को दिया जाने वाला सर्विस चार्ज और जीएसटी शामिल होता है। किसानों को केवल 19 हजार रुपए ही अंशदान देना होता है। यह कुल लागत का 16.67 प्रतिशत होता है।
अब केन्द्र का अनुदान यथावत रहेगा पर राज्य सरकार केवल 43 हजार 618 रुपए अंशदान देगी। किसानों को अब 38 हजार 795 रुपए देना होगा। दो हार्सपावर के सोलर पंप के लिए 23 हजार की जगह 45 हजार 536, पांच हार्सपावर पर 72 हजार की जगह 88 हजार 882, साढ़े सात हार्सपावर पर 1 लाख 35 हजार की जगह 1 लाख 37 हजार 301 और दस हार्सपावर के लिए 2 लाख 17 हजार 840 रुपए की जगह 2 लाख 20 हजार 135 रुपए देना होगा।
शहडोल बस डिपो की गौरतरा रोड जिला शहडोल स्थित 19 हजार 140 वर्गमीटर भूमि को 11 करोड़ 33 लाख 50 हजार रुपए की मेसर्स उदित इन्फ्रावर्ल्ड की अधिकतम नीलामी बोली पर बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी देने पर चर्चा की गई। प्रदेश में कोविड संकट को देखते हुए उपलब्ध आक्सीजन क्षमता बढ़ाने के लिए आक्सीजन उत्पादक इकाईयों को प्रोत्साहित करने के लिए विशिष्ट सुविधाएं दिए जाने के लिए औद्योगिक निवेश नीति एवं प्रोत्साहन विभाग के निर्णय का कार्येत्तर अनुमोदन भी किया गया।
