अब सरकार सिखाएगी 12 हजार किसानों को मछली पालन की नई तकनीक
पटना
मछली पालन की नई-नई तकनीक से राज्य के मत्स्य किसान रूबरू होंगे। इसके लिए राज्य सरकार उन्हें विभिन्न जिलों में मछली पालन के क्षेत्र में हो रहे अच्छे व सफल प्रयोग को दिखाएगी। सरकार अपने खर्च से किसानों को बताएगी कि वे कैसे नई-नई तकनीक से मछली पालन कर कैसे अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इस योजना का मकसद राज्य में मछली उत्पादन और किसानों की आमदनी को बढ़ाना है।
इसको लेकर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने इस साल चार करोड़ 32 लाख खर्च करने की स्वीकृति भी दे दी है। राज्य के 12 हजार किसानों का राज्य के अंदर भ्रमण कराया जाएगा। 30-30 किसानों की अलग-अलग 400 टीम बनाकर इन्हें विभिन्न जगहों पर ले जाया जाएगा। जिलों में विकसित किये गये तालाब, आद्रभूमि का विकास, बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन आदि किसानों को दिखाया और बताया जाएगा।
किसानों का चयन ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर किया जाएगा। इसमें वैसे मत्स्य किसान का चयन किया जाएगा, जो निजी-पट्टा पर अथवा सरकारी तालाब-जलकर में मछली पालन कर रहे हों। प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रगतिशील सक्रिया सदस्य हों। आवेदन के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन कर किसानों से आवेदन मांगा जाएगा।
