यात्री किराया बढ़ाने बस मालिक बैठे धरने पर, कहा – 14 जुलाई को लेंगे जल समाधि
रायपुर
कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के साथ ही एक जिले से दूसरे जिले जाने के लिए बसें भी शुरू हो गई है लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छूते जा रहे है और बस मालिक यात्री किराया बढ़ाने की मांग पिछले तीन माह से कर रहे हैं। इसी के तहत आज राजधानी रायपुर के अलावा जिलों में बस मालिकों ने एक दिवसीय धरना दिया और अगले माह की 14 तारीख को बस मालिकों ने सामूहिक जल समाधि लेने का ऐलान कर दिया।
22 मार्च 2020 से बसों के पहिये लॉकडाउन की वजह से थम गए थे। इसके बाद से अब तक पहियों की रफ्तार धीमी धीमी चल रही है जिससे बस मालिकों की आर्थिक हालत बिगड़ते जा रही है। करीब डेढ़ वर्ष पहले डीजल के दाम 65 रुपए से बढ़कर 87 रुपए तक पहुंच गया था और इन वर्षों में यात्री किराया में कोई भी बढ़ोत्तरी नहीं की गई। लेकिन आज पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छूते जा रहा है और इस कारण बस मालिकों को बस चलाने में अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा रहा है। राजधानी रायपुर से रोजाना ही अन्य जिलों को जोड?े के लिए बसें रवाना हो रही है और कम यात्रियों के मिलने के कारण भी वे नियमित रुप से अपना संचालन कर रहे हैं। रोजाना औसतन सभी बसें 50 से 100 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इन बसों में चालक, परिचालक, टिकट काटने वालों से लेकर टिकट चेकिंग करने वाले शामिल है जिनके सामने पर अब परिवार का भरण-भोषण करना मुश्किल हो गया हैं।
इसी बात को लेकर लगातार पिछले तीन महीने से राज्य बस आपरेटर संघ की ओर से सरकार से रियायतें देने व यात्री किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पत्रों के जरिये भेजा गया, लेकिन अब तक उस पर शासन ने सुनवाई नहीं की है। शासन के रूख को देखते आॅल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के आह्वान पर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ रायपुर ने सोमवार को ब्लैक-डे मनाते हुए बस स्टैंड के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन करते करते हुए ऐलान कर दिया कि अगले माह 14 जुलाई को राजधानी रायपुर के खारून नदी में जल समाधि ले लेंगे। राजधानी रायपुर के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में भी बस आॅपरेटर और बस मालिक प्रांतव्यापी धरने पर बैठ गए हैं।
