9000 टीचर हुए ट्रेंड, सरकार बढ़ा सकती है तारीख
भोपाल
कोविड महामारी के कारण स्कूलों की कक्षाएं आॅनलाईन चल रही है। प्रदेश के अनलॉक होंने के बाद धीरे-धीरे स्कूल भी खुलना है। ऐसे में शिक्षक कोविड चुनौतियों का सामना करने की तकनीक आॅर्ट आॅफ लिविंग के जरिए सीख रहे है। अब तक नौ हजार शिक्षक इसका प्रशिक्षण ले चुके है। फिलहाल यह प्रशिक्षण तीस जून तक चलेगा। इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी है ताकि सारे शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा सके।
स्कूली शिक्षकोें को कोविड के दौरान बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाने, मास्क, सेनेटाईजर के उपयोग, बच्चों के करीब आने में कोरोना प्रोटोकाल का उपयोग करने और बच्चों के घर जाकर पढ़ाने, उन्हें मोबाइल एप से जोड़ने के अलावा कई कामों में ऐसे मौके आते है कि कोरोना प्रोटोकाल का पालन खुद कैसे करे और बच्चों से कैसे कराएं यह सिखाने के लिए आॅर्ट आॅफ लिविंग संस्थान बैंगलुरु शासकीय सेवकों के लिए कोविड केयर प्रोग्राम चला रहा है।
इस प्रोग्राम के जरिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी ट्रेंड किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण पूर्णत: नि:शुल्क एवं स्वैच्छिक है। अब तक प्रदेश के नौ हजार शिक्षक इस प्रोग्राम का लाभ ले चुके है। मई से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण तीस जून को समाप्त हो रहा है। इस प्रोग्राम की लोकप्रियता को देखते हुए राज्य सरकार इसे और आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
एम शिक्षा मित्र एप के जरिए कोविड केयर प्रोग्राम का प्रशिक्षण आॅर्ट आॅफ लिविंग संस्थान बेंगलुर से लेने के लिए पंजीयन कराना होता है। पंजीयन होने के बाद संस्थान प्रशिक्षण शुरू होने की अवधि और समय की जानकारी देता है। शिक्षकों को लिंक भेजकर प्रशिक्षण में शामिल किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान यह बताया जाता है कि कोविड संक्रमण बचने के लिए स्कूलों में किस तरह का व्यवहार किया जाए।
बच्चों को कैसे एक निश्चित दूरी पर खड़े रखें, पढ़ाई के दौरान कक्षाओं में किस तरह बिठाएं। दूरिया बनाए रखने के लिए और बच्चों की सही मानीटरिंग करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएं। कापियों की जांच, बच्चों के परीक्षण के लिए क्या तकनीकी अपनाई जाए यह बताया जाता है।
