जेईई मैंस का पैटर्न नहीं बदलने से कॉमर्स के स्टूडेंट्स को नहीं मिलेगा प्रवेश

भोपाल
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इंजीनियरिंग करने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) के अलावा 14 कोर्स की स्वीकृति दी है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश कराने वाली जेईई मैंस ने अपने पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया है। इसलिए वर्तमान में सत्र में किसी भी हालत में कॉमर्स सहित अन्य 14 कोर्स के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश होना अब नामुमकिन हो गया है।

इंजीनियरिंग पढ़ने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) की अनिवार्यता को खत्म करते हुए एआईसीटीई ने नया फार्मूला तैयार किया है। ये फर्मूला लागू करने में तकनीकी शिक्षा विभाग को काफी कठिनाई का सामना करना पडेÞगा। वहीं दूसरी तरफ जेईई मैंस अपने दो एग्जाम करा चुकी है। अंतिम दौर की परीक्षा होना शेष है, लेकिन कोरोना संक्रमण से सभी गतिविधियां रोक दी हैं। एआईसीटीई ने कॉमर्स सहित 14 कोर्स के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग में प्रवेश कराने का आदेश जारी किया है। जेईई मैंस ने आगामी परीक्षा के लिये कामर्स सहित अन्य कोर्स के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने के लिण् अपना पैटर्न चैंज नहीं किया है। इससे अब वे विद्यार्थी वर्तमान में होने वाली जेईई मैंस में शामिल नहीं हो पाएंगे। इससे उनका प्रवेश होना तो मुश्किल है। उन्हें अब आगामी सत्र तक इंतजार करना होगा।

मप्र के इंजीनियरिंग कॉलेजों में की दस हजार सीटें छोड़ दी जाएं तो शेष सीटों पर प्रवेश 12वीं के आधार पर होता है। इसमें कॉमर्स विद्यार्थियों को प्रवेश कराया जा सकता है। इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को काफी फेरबदल करना होंगे। वहीं आरजीपीवी को उक्त विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग की डिग्री कराने के लिये उन्हें ब्रिज कोर्स तैयार कर पढाना होगा। हालांकि अप्रैल में शासन स्तर पर हुई बैठक में ब्रिज कोर्स बनाने पर सहमति हो चुकी है।

संशोधित नियमों के तहत तकनीकी नियामक ने 14 विषयों- फिजिक्स, मैथ्स, , कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जीव विज्ञान, इनफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस, जैव प्रौद्योगिकी, तकनीकी व्यावसायिक विषय, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, व्यावसायिक अध्ययन, आंत्रप्रेन्योरशिप विषयों को सूची में शामिल किया है। दो माह पूर्व एआईसीटीई जारी बयान में बताया गया है कि इंजीनियरिंग करने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) का अध्ययन जरूरी है।

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