घाटी में लोगों को चैन से जीने का अधिकार दे केंद्र सरकार: महबूबा मुफ्ती
श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। रविवार को महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीएम मोदी ने घाटी के नेताओं के साथ जो बातचीत की प्रक्रिया शुरू की है वो 'दमनकारी युग' को अंत करेगी और इस बात की विश्वसनीयता है कि असहमति रखना कोई अपराध नहीं है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि घाटी में केंद्र सरकार लोगों को चैन से जीने का अधिकार दे, बस अमन उसके बाद आ जाएगा।
आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती गुरुवार को उस 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की हिस्सा थी, जिसने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीएम मोदी के साथ हुई बैठक केंद्र शासित प्रदेश में लोगों की पीड़ाओं को खत्म करने की एक शुरुआत है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस बातचीत की विश्वसनीयता को बनाए रखने की जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार पर है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को सांस लेने का अधिकार दे। साथ ही नौकरियों और भूमि की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे। आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती का सीधा-सीधा मतलब आर्टिकल 370 की बहाली की मांग करना है।
पीटीआई की खबर के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि घाटी की जनता के साथ दिल की दूरी तभी कम हो पाएगी, जब सभी काले कानूनों को पारित करना बंद किया जाएगा। साथ ही नौकरियों और भूमि अधिकारों की रक्षा करना होगी।' उन्होंने कहा, 'पहली और सबसे जरूरी बात यह है कि इस दमनकारी युग का अंत होना चाहिए और सरकार को यह समझना चाहिए कि अस्वीकृति प्रकट करना आपराधिक कृत्य नहीं है। पूरा जम्मू-कश्मीर राज्य और मैं इसे केवल एक ऐसा राज्य कहूंगी, जो जेल बन गया है।'
