लखनऊ में यहां हो रही डेल्टा प्लस की जांच, दो हफ्ते बाद आएगी रिपोर्ट

लखनऊ 
 केजीएमयू में कोरोना के नए वैरियंट डेल्टा प्लस के जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच शुरू हो गई है। अब डेल्टा प्लस की पहचान के लिए नमूनों को दूसरे राज्यों में भेजे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शनिवार को वॉयरोलॉजी लैब में नमूनों को जांच के लिए लगाया गया है। एक साथ 100 से अधिक नमूनों की जांच संभव है।

कोरोना की तीसरी लहर को भी रोकने के लिए इंतजाम किये जा रहे है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमिता जैन के मुताबिक कोरोना की जांच लगातार की जा रही है। अब नई जिम्मेदारी मिली है। उसे भी मजबूती से निभाई जाएगी। डेल्टा प्लस की जांच शुरू कर दी गई है। शनिवार को कुछ कोरोना संक्रमितों के नमूने लगाए गए हैं। रिपोर्ट आने में कम से कम दो सप्ताह लगेगा।

सतर्कता बढ़ाई गई
कोरोना की तीसरी लहर रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सर्तकता बढ़ा दी है। रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात कर दी गई है। 24 घंटे रेलवे स्टेशन पर जांच की जाएगी। संक्रमण डेल्टा प्लस प्रभावित राज्यों को लेकर खास सतर्कता बढ़ाई गई है। सभी यात्रियों का नमूना लेकर जांच की जाएगी। सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक कुल 200 से अधिक रैपिड रिस्पांस टीमे हैं। अब 35 टीमों को इस कार्य में लगाया गया है। जो जगह-जगह लोगों की जांच कर रही है। रेलवे स्टेशन पर आठ-आठ घंटे के अंतराल पर टीमे बदलती रहेंगी। बस स्टाप पर भी जांच की जा रही है। 
 

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