प्रयागराज में 64 प्रतिशत पेरेंट्स बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार
प्रयागराज
बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल को आंशिक तौर पर खोला जाए या नहीं? इस मसले पर हुई रायशुमारी में रोचक जानकारी सामने आई है। प्रयागराज जिले के 64 फीसदी अभिभावक चाहते हैं कि बच्चों को स्कूल भेजा जाए। इनका सुझाव है कि कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल खोले जाएं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल के निर्देश पर यह रायशुमारी डीआईओएस ने कराई है।
हालांकि सिर्फ तीन प्रतिशत अभिभावकों की ही राय मिल सकी है। जिले में स्थित 1079 स्कूलों में कक्षा 9, 10 व 12 के 220538 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से तीन प्रतिशत यानी 6583 विद्यार्थियों के अभिभावकों की राय डीआईओएस को मिली है। 6583 अभिभावकों में से 4229 यानी 64 फीसदी अभिभावक चाहते हैं कि स्कूल आंशिक तौर पर खोले जाएं और कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल में पढ़ाया जाए। कोरोना के कारण सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए बोर्ड परीक्षा न कराने का निर्णय लिया है। मजबूरी में लिया गया सरकार का यह फैसला भी कई अभिभावकों और विद्यार्थियों को रास नहीं आ रहा है।
इनका मानना है कि परीक्षा न होने से बच्चों की प्रतिभा का सही मूल्यांकन नहीं हो सकेगा और भविष्य में उनका उस तरह से मूल्यांकन नहीं होगा जैसा कि परीक्षा देकर पास हुए बच्चों का होता है। हालांकि स्कूल ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करा रहे हैं पर अधिकतर अभिभावकों का मानना है कि ऑनलाइन पढ़ाई क्लासरूम में होने वाली पढ़ाई से बिल्कुल भिन्न है और कई मामलों में प्रभावी नहीं है। इस सर्वे में कक्षा 11 के बच्चों के अभिभावकों को शामिल नहीं किया गया है।
