वसूली कांड में ED की छापेमारी के बाद दो निजी सचिवों की गिरफ्तारी, अनिल देशमुख पर कसता जा रहा शिकंजा

 मुंबई 
वसूली कांड में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर अनिल देशमुख पर शिकंजा कस दिया है। कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और पर्सनल असिस्टेंट कुंदन शिंदे को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को एजेंसी ने देशमुख के नागपुर में जीपीओ चौक स्थित आवास और उनके निजी सहायक संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे के मुंबई स्थित परिसरों की तलाशी ली थी।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 100 करोड़ रुपये के रिश्वत के आरोपों पर धन शोधन के एक मामले की जांच के सिलसिले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर और उनके सहयोगियों के मुंबई स्थित परिसरों पर शुक्रवार को तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक देशमुख (71) मुंबई में हैं और एजेंसी द्वारा वहीं उनसे पूछताछ करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पलांडे को पूछताछ के लिए दोपहर में मुंबई के बल्लार्ड इस्टेट इलाके में ईडी कार्यालय लाया गया था। बुधवार को एजेंसी ने मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे से तलोजा जेल में पूछताछ की थी। 

ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद देशमुख और कुछ अन्य के खिलाफ पिछले महीने धन-शोधन रोकथाम कानून के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर एक मामला दायर करने के बाद प्रारंभिक जांच की थी, जिसके बाद ईडी ने मामला दर्ज किया। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए रिश्वत के आरोपों की जांच के लिए कहा था।
 
अधिकारियों ने बताया कि तलाशी लेने वाले दल अतिरिक्त सबूत की तलाश कर रहे हैं, जो उनकी जांच में अहम हो सकते हैं। टीम ईडी के समक्ष करीब 10 बार संचालकों के दर्ज बयानों के आधार पर सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है। इन बार संचालकों ने दावा किया था कि उन्होंने चार करोड़ रुपये की रिश्वत दी, जिसे पूर्व गृह मंत्री देशमुख को कथित तौर पर सौंपा गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पीएमएलए के तहत एजेंसी ने उनके बयान दर्ज किए हैं और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने का प्रयास चल रहा है।
 
 

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