12वीं परीक्षा के मूल्यांकन का फार्मूला अब कॉमर्स के कारण अटका
भोपाल
एमपी बोर्ड के 12वीं की परीक्षा के मूल्यांकन का फार्मूला अब कॉमर्स के कारण अटक गया। 12वीं के मूल्यांकन के लिए दसवीं की वार्षिक परीक्षा के अंकों को आधार बनाया जाने की तैयारी चल रही है। लेकिन दसवीं में वाणिज्य विषय न होने के कारण एक बार फिर कोई हल नहीं निकल सका।
अब 28 जून को 12वीं के परिणाम के फॉर्मूले को लेकर आ रहीं दिक्कतों और अब तक हुई चर्चाओं का प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। इसको लेकर 28 जून को मंत्री समूह मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुति देगा। इसी दिन परिणाम का फॉर्मूला भी तय हो सकता है। बुधवार को मंत्री समूह की बैठक में एक राय नहीं बनी, तो अब समूह में शामिल मंत्रियों के सुझाव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेजे जा रहे हैं। अब मुख्यमंत्री ही अंतिम निर्णय लेंगे।
प्रदेश में हायर सेकंडरी के परीक्षा परिणाम का फॉमूर्ला तय करने में कई तरह की परिस्थितियां आड़े आ रही हैं। सरकार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) का फामूर्ला इसलिए नहीं अपना सकती, क्योंकि प्रदेश में पिछले साल 11वीं की वार्षिक परीक्षा नहीं हुई और इस साल कुछ स्कूलों में 12वीं की तिमाही और छमाही परीक्षा हुई भी, तो विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाएं ही जमा नहीं कीं। प्रायोगिक कार्य भी नहीं हुए। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि अंक कैसे दें। सरकार 31 जुलाई से पहले हाईस्कूल और हायर सेकंडरी का परीक्षा परिणाम देने की कोशिश में जुटी है।
