सियासी दंगल की गूंज पहुंची राजधानी

रायपुर
मुद्दा जरूर महंगाई का है लेकिन राज्य में भाजपा व कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैें लेकिन मुद्दों से भटक कर एक दूसरे को मारने पीटने व देख लेने की धमकी तक उतर जाने से सियासी माहौल और गरमा गया है। दरअसल जगदलपुर में सोमवार को जो कुछ हुआ इसकी पूरी जानकारी दोनों ही दलों के नेताओं  ने राजधानी में बड़े नेताओं तक पहुंचा दी है। वो तो अच्छा हुआ कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। लगभग 2 से ढाई घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद अब माहौल देख लेने की धमकी के साथ खत्म हुआ है जो कि राजनीतिक सुचिता के लिए छत्तीसगढ़ जैसे शांत राज्य में कहीं से भी उचित नहीं हैं।

दरअसल बवाल तब हुआ जब बस्तर जिला भाजपा दफ्तर के बाहर सोमवार की सुबह कांग्रेस के नेता महंगाई के मुद्दे पर धरना दे रहे थे। सभी केंद्र की भाजपा सरकार को पेट्रोल, डीजल और दूसरी चीजों के बढ़े दामों का जिम्मेदार बताकर नारे लगा रहे थे। इतने में भाजपा युवा मोर्चा के कुछ  नेता वहां पहुंच गए। इन्होंने प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी कांग्रेसियों के सामने ही शुरू कर दी।

कांग्रेसियों ने भी जवाब में मोदी के खिलाफ नारे लगाए। दूसरी तरफ से भूपेश बघेल के खिलाफ नारे भाजपा नेता लगाने लगे। पुलिस ने माहौल को भांपकर फौरन आसपास के तीन थानों से स्टाफ बुलवाया। भाजपा दफ्तर के सामने अब दोनों दलों के नेता मरने मारने को आमादा थे। कुछ देर बाद यहां से सांसद दीपक बैज का काफिला गुजरा। भाजपा नेताओं ने नारेबाजी करते हुए काफिले को रोकने का प्रयास किया। कांग्रेसी ये देख खुद को रोक न सके। अब बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। सांसद का काफिला पुलिस की मदद से आगे निकल गया। कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा दफ्तर में घुसने का प्रयास किया। इन्हें मुश्किल से पुलिस ने रोका। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों जैसे-तैसे दोनों दलों के नेताओं को समझाकर माहौल शांत करवाया।

अब दोनों ही दलों के नेता एक दूसरे पर गुंडागर्दी का आरोप लगाकर देख लेने की धमकी दे रहे हैं। बात राजधानी पहुंच गई है और बड़े नेताओं ने पूरी रिपोर्ट मांगी है। बहरहाल पूरे बस्तर में इस राजनीतिक ड्रामेबाजी की चर्चा गर्म है।

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