पुजारी और कैदियों को डिग्री-डिप्लोमा देगी भोज
भोपाल
भोज मुक्त विश्व विद्यालय ने रामचरितमानस एक वर्षीय डिप्लोमा शुरू किया है। इसमें सूबे के मंदिरों में पुजारियों के लिए प्रवेश दिए जाएंगे। कैदियों को यूजी, पीजी और जीवनोपयोगी डिप्लोमा सर्टिफिकेट कोर्स से उनके जीवन में बदलाव आ सकता है। इसलिए रजिस्ट्रार एलएस सोलंकी ने कैदियों को डिग्री और डिप्लोमा में प्रवेश देने की व्यवस्था की है।
सोलंकी का कहना है कि कैदियों को प्रवेश कराने के लिए सरकारी कॉलेज के प्राचार्य से कैदियों को प्रवेश दिए जाएंगे। कैदियों को जेल में ही स्टडी मटेरियल दिया जाएगा। इससे वे परीक्षाओं को तैयारियां बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
