20 साल बाद MP की सड़कों पर लौटेगी सरकारी बस! 2030 तक चलेंगी 15 हजार नई बसें

इंदौर
 इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि करीब दो दशकों के अंतराल के बाद राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया और आधुनिक मॉडल लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत उन्नत तकनीक का उपयोग कर यात्रियों को अधिक सुगम, त्वरित और सुरक्षित आवागमन की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

सार्वजनिक परिवहन की मांग बढ़ी
प्रदेश में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के पास वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का मजबूत सड़क नेटवर्क है। धार्मिक पर्यटन में आई अभूतपूर्व तेजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूर्व में उज्जैन में वार्षिक आधार पर 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं हाल के दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 8 करोड़ के पार पहुंच गया है। इस बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन ढांचा तैयार करना बेहद अनिवार्य हो गया है।

निजी ऑपरेटरों के सहयोग से 15 हजार बसों का लक्ष्य
'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के अंतर्गत वर्ष 2030 तक राज्य भर में लगभग 15 हजार नई बसों का परिचालन शुरू करने की कार्य योजना है। सरकार इस पूरी व्यवस्था में निजी बस ऑपरेटरों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी और उन्हें नवीनतम तकनीकों से लैस करेगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प माह के तहत 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को इस नए परिवहन मॉडल की पहली आधिकारिक सौगात मिलेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन मोबिलिटी को विशेष प्रोत्साहन
राज्य में बड़े पैमाने पर हो रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) निर्माण का लाभ सबसे पहले प्रदेश के नागरिकों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है। इंदौर मेट्रो के बाद अब इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों के संचालन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शुरू हो रही यह सेवा नागरिकों के लिए एक नई शुरुआत होगी, जिसके तहत पारंपरिक भगवा रंग की बसें एक बार फिर आधुनिक सुविधाओं के साथ सड़कों पर सेवा देती नजर आएंगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *