इमरान खान ने की भारत को कश्मीर के लिए एटम बम की धमकी देने की कोशिश
इस्लामाबाद
पाकिस्तान के नेता बात बात पर एटम बम का नाम लेते हैं और कश्मीर के लिए हर दूसरी बात में एटम बम अपनी जेब से निकाल लेते हैं और यही हाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भी है। एक तरफ वो अमेरिका से मध्यस्थता के लिए गुहार लगाते हैं, दूसरी तरफ भारत में आतंकियों को भेजते हैं और तीसरी तरफ इमरान खान भारत को एटम बम का डर दिखाने की कोशिश करते हैं। एक बार फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत को एटम बम की धमकी देने की कोशिश की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू के दौरान वैसे तो कई बेतूकी बातें की हैं और जिनपर पूरी दुनिया में उनकी आलोचना की जा रही है, लेकिन उन बातों के अलावा इमरान खान ने कहा है कि एक बार अगर कश्मीर समस्या का समाधान हो जाए तो पाकिस्तान को एटम बम की जरूरत नहीं होगी। आतंकियों और कट्टरपंथियों का गढ़ बन चुके पाकिस्तान की स्थिति संभालने की बजाए इमरान खान बार बार भारत को धमकी देने की कोशिश करते रहते हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि जिस समय कश्मीर समस्या का समाधान हो जाएगा, उस समय से दोनों पड़ोसी सभ्य नागरिकों की तरफ साथ रहने लगेंगे और उस वक्त में परमाणु हथियारों की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा उन्होंने कश्मीर के लिए एक बार फिर से जनमत संग्रह की बात की है। इमरान खान ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि जब वो अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात करेंगे तो वो उनसे कश्मीर में जनमत संग्रह कराकर कश्मीर मसले का हल कराने की बात करेंगे। इमरान खान ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि अगर अमेरिका ने कश्मीर समस्या का समाधान करने की इच्छा जताई तो वास्तव में समाधान हो सकता है। इसके साथ ही पाकिस्तान में तेजी से बनाए जा रहे एटम बम को लेकर कहा कि पाकिस्तान सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए एटम बम बना रहा है और पाकिस्तान में बढ़ते एटम बम की तादाद को लेकर उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।
इमरान खान ने एक बार फिर से दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश की है और दुनिया से कश्मीर मुद्दे में दखल देने की मांग की है। इमरान खान ने कहा कि अगर दुनिया कश्मीर मसले में दखल नहीं देगी तो दोनो देशों के बीच युद्ध हो सकता है। असल में देखा जाए तो पाकिस्तान शुरू से ही इसी तरह की ब्लैकमेलिंग करता रहा है क्योंकि पाकिस्तान ने कभी एक जिम्मेदार मुल्क की तरह वर्ताव नहीं किया है और कभी एटम बम तो तभी युद्ध की धमकी देकर दुनिया को टेंशन में डालता रहा है। इमरान खान ने कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिका से दखल देने की मांग की है। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे, उस वक्त वो कश्मीक समस्या के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने के लिए तैयार हो गये थे, लेकिन भारत की विरोध के चलते कुछ नहीं हो पाया था। इसके साथ ही इमरान खान ने यह भी माना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनसे अभी तक बात नहीं की है, लेकिन उन्होंने कहा कि जब वो जो बाइडेन से मुलाकात करेंगे, वो उनसे कश्मीर मुद्दे पर दखल देने की मांग करेंगे।
