मीराबाई चानू से PM मोदी ने कहा- ‘हर आंसू की बूंद से लगा जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा हो’
नई दिल्ली
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश के लिए मेडल लेकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर खास मुलाकात की। पीएम ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीतने वालीं मीराबाई चानू के प्रदर्शन की तारीफ की। दरअसल, मीराबाई चानू गोल्ड मेडल जीतने के बाद भावुक हो गई थीं और पोडियम पर मेडल लेते वक्त अपने आंसू पर काबू नहीं रख सकी थीं। पीएम मोदी ने मीराबाई से उनके रोने का कारण पूछते हुए कहा, "इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगता है कि हर आंसू के बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो।" मीराबाई ने प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए कहा, "मैं उस दिन बहुत खुश और भावुक थी। मैं गोल्ड मेडल जीतने के बाद उस दिन इसलिए रोई थी, क्योंकि पेरिस ओलंपिक में मेरा मेडल सिर्फ एक किलो से रह गया था।
भारतीय महिला वेटलिफ्टर ने आगे कहा, "एक खिलाड़ी के तौर पर आपको बहुत चीजों का सामना करना पड़ता है। इन चार वर्षों के अंदर मैंने काफी चीजों का सामना किया था। हर समय इंजरी ही चल रही थी और परिवार में भी समस्याएं हो रही थीं। मैंने इन 4 वर्षों में बहुत चीजों का सामना किया था। इसी कारण जब मैं पोडियम पर खड़ी थी और जब हमारा नेशनल एंथम बजा, तो मैं खुद को रोक नहीं सकी। देश का झंडा ऊपर देखकर हमारे अपने आप ही आंसू निकल आते हैं।"
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में निरंतरता के साथ लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। मीराबाई यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बनीं। उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलो का भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और देश की झोली में 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल आए।
मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई
हैवीवेट बॉक्सर और सिल्वर मेडलिस्ट नरेंदर बेरवाल ने पाकिस्तान के एक बॉक्सर से जुड़ा पुराना किस्सा सुनाया. नरेंदर ने बताया कि 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में पाकिस्तानी बॉक्सर को हराने के बाद उसने उनसे ऐसी बात कही थी, जिसे सुनकर वह खुद भी हंस पड़े थे।
नरेंदर बेरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में उनकी पाकिस्तान के बॉक्सर से पहली फाइट हुई थी. मुकाबले से पहले आर्मी की तरफ से उन्हें खास तौर पर कहा गया था कि पाकिस्तान से हारना नहीं है।
नरेंदर ने बताया कि उन्होंने पहला राउंड 4-1 से और दूसरा राउंड 3-2 से जीत लिया. हालांकि, मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए और दोनों को चोट लगी. फाइट खत्म होने के बाद दोनों को टांके लगवाने के लिए अस्पताल जाना पड़ा।
जब पाकिस्तानी बॉक्सर ने कहा, "भाईजान, एक बात बोलूं?"
इसके बाद नरेंदर ने उस मुकाबले के बाद हुई बातचीत का किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि उनके साथ गए भारतीय आर्मी के कोच का नाम नरेंद्र राणा था. पाकिस्तानी बॉक्सर ने काफी देर सोचने के बाद नरेंदर से कहा, "भाईजान, एक बात बोलूं?" नरेंदर ने कहा कि उन्होंने जवाब दिया, "हां, बोलो।
इसके बाद पाकिस्तानी बॉक्सर ने कहा, "भाईजान, आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है. मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है." नरेंदर ने यह किस्सा प्रधानमंत्री मोदी को सुनाते हुए उस मुकाबले के माहौल और उसके बाद की बातचीत को याद किया।
पीएम मोदी भी नरेंद्र की बात सुनकर हंस पड़े
नरेंदर बेरवाल भारतीय सेना से जुड़े बॉक्सर हैं और 90 किलोग्राम से ज्यादा भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह एशियन गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के भारतीय बॉक्सिंग दल का हिस्सा रहे।
प्रधानमंत्री मोदी से खिलाड़ियों की मुलाकात के दौरान नरेंदर का यह किस्सा खास तौर पर चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने एक पुराने भारत-पाकिस्तान बॉक्सिंग मुकाबले की याद साझा की. प्रधानमंत्री मोदी भी उनकी बातें सुनकर हंस पड़े।
बॉक्सर लवलीना से पूछा सवाल, भारत के नक्शे से जुड़ा था मामला
सिलवर मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास तौर पर तारीफ की. इस भारतीय बॉक्स ने पदक तो जीता ही, साथ ही ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत का गलत नक्शा देखकर उसके खिलाफ आवाज भी उठाई थी. भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने खुद लवलीना से इस घटना का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि उनका यह कदम साधारण नहीं था और इसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
लवलीना ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था. खेलों के बाद भारतीय बॉक्सिंग दल जश्न मनाने ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में पहुंचा था. यहीं लवलीना की नजर भारत के ऐसे नक्शे पर पड़ी, जिसमें पूर्वोत्तर का हिस्सा गायब था. कॉमनवेल्थ गेम्स से लौटे भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने लवलीना से हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा, 'क्या हुआ, वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?'
इस पर लवलीना हंस पड़ीं और उन्होंने पूरी घटना बताई. लवलीना ने कहा कि वह खुशी का मौका था और खिलाड़ी जश्न मनाने गए थे, लेकिन भारत का गलत नक्शा देखकर उन्हें अच्छा नहीं लगा. उन्होंने रेस्टोरेंट के मैनेजमेंट के सामने शालीनता से आपत्ति दर्ज कराई और बाद में उसमें बदलाव भी किया गया।
लवलीना की बात सुनने के बाद प्रधानमंत्री ने उनकी सराहना की. उन्होंने कहा कि जीत का जश्न मनाते समय भी देश के नक्शे की अहमियत को पहचानना अपने आप में खास है. पीएम मोदी ने कहा, 'खेलों के समापन और जश्न के माहौल में, उस समय भी उस नक्शे के महत्व को पहचान पाना, मैं सच कहता हूं कि वह वीडियो साधारण नहीं था. लोग उसे बहुत लंबे समय तक याद रखेंगे.' प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने लवलीना की खेल उपलब्धि के साथ मैदान के बाहर दिखाई गई उनकी सजगता की तारीफ की।
बॉक्सर्स ने किया शानदार प्रदर्शन
भारतीय मुक्केबाजों ने गेम्स में कुल 10 मेडल हासिल किए थे. जब भारतीय बॉक्सिंग दल डिनर के लिए ग्लासगो के Mister Singh's India रेस्टोरेंट पहुंचा था, तो लवलीना की नजर नैपकिन पर बनी भारत के नक्शे पर गई. लवलीना ने पाया कि उस नक्शे में पूर्वोत्तर का हिस्सा नहीं दिखाया गया था. बाहर लगे लोगो में भी ऐसी ही तस्वीर थी. असम की रहने वाली लवलीना ने इस पर तुरंत रेस्टोरेंट मैनेजमेंट का ध्यान दिलाया।
लवलीना ने मैनेजमेंट से बातचीत के दौरान आक्रामक होने के बजाय बेहद शालीन तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराई. लवलीना ने कहा था, 'कृपया इसे गलत तरीके से मत लीजिए. मुझे यह देखकर थोड़ा दुख हुआ. भारत के नक्शे में हमारा पूर्वोत्तर गायब है. बाहर लगे नक्शे में भी पूर्वोत्तर नहीं है. पूर्वोत्तर से होने के कारण यह हमें दुख पहुंचाता है. मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि अगली बार इसका ध्यान रखें.' उनकी आपत्ति का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामला चर्चा में आ गया।
विवाद बढ़ने के बाद रेस्टोरेंट की ओर से बयान जारी कर गलत नक्शे के इस्तेमाल के लिए माफी मांगी गई. मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि लोगो में बदलाव करके भारत के सही नक्शे का इस्तेमाल किया जाएगा. रेस्टोरेंट ने भारतीय टीम की मेजबानी को अपने लिए सम्मान की बात भी बताया और खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी. मामले पर भारतीय अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया और इसे रेस्टोरेंट प्रबंधन के सामने उठाया. इसके बाद गलत नक्शे को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
