कोरोना के मरीज कम हुए हैं, खतरा नहीं
रायपुर
कोरोना के मरीज जरुर कम हुए हैं पर खतरा नहीं यह अच्छे से समझ लेना चाहिए,लेकिन लोग हैं कि मानने तैयार नहीं। लगभग पूरी तरह अनलाक हो चुके शहर में निकलें और देखें नजारा हर दस आदमी में चार बगैर मास्क के मिल जायेंगे। दो गज दूरी तो पूरी तरह खत्म हो चुकी है। जैसे मानकर चल रहे हैं जब तक तीसरी लहर आयेगी फिर करो मौज मस्ती जब आयेगा तब देखा जायेगा। फिर किस बात का रोना कि लाकडाउन हैं भूखे मर रहे हैं दुकान खोलो मुफ्त में राशन दो..। आखिर कब तक चलेगा यह सिलसिला? इसमें तो वही आदमी परेशान हो रहा है जो नियम कायदे का पालन कर रहा है। शासन भी मानकर चल रही है जैसे सब कुछ पटरी पर आ चुका है। ये इंसानी भूत हैं बगैर सख्ती नहीं मानने वाले। हां राहत की बात यह कह सकते हैं कि कोरोना धीरे धीरे नियंत्रण की ओर है।
वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में रविवार रात आए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की औसत संक्रमण दर 2 प्रतिशत से नीचे पहुंच गई है। इस बीच बस्तर क्षेत्र में संक्रमण दर के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी हैं। वहां बस्तर और बीजापुर जिलों का संक्रमण 4 प्रतिशत के करीब है।स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में दूसरी लहर का प्रकोप शुरू होने के बाद पहली बार कल प्रदेश में संक्रमण दर 1.5 प्रतिशत रही। पिछले महीने तक स्थिति यह थी कि बस्तर संभाग के जिलों में कोरोना संक्रमण की दर प्रदेश में सबसे कम थी। वहां एक दिन में मिलने वाले मरीजों की संख्या भी कम थी। बताया जा रहा है, ऐसा इसलिए भी दिख सकता है कि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में संक्रमण कम हो गया, लेकिन बस्तर में पहले जैसी ही स्थिति बनी हुई है। यह चिंताजनक हो सकता है।प्रदेश में कोरोना जांच केंद्रों पर भीड़ अब कम नजर आ रही है। रोजाना औसतन 40 हजार जांच हो रही है।
