किशनगंज में अवैध कमाई वालों पर शिकंजा, संपत्तियों की होगी जांच
किशनगंज
सीमावर्ती जिलों में अवैध कारोबार के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले लोगों पर अब प्रशासन की नजर है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भू-माफिया, मादक पदार्थों के तस्कर, अवैध बालू खनन से जुड़े कारोबारी, जीएसटी और आयकर चोरी कर संपत्ति बनाने वाले लोगों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच कराएगी।
जानकारी के अनुसार विभिन्न विभागों के समन्वय से ऐसे लोगों का डाटा तैयार किया जा रहा है, जिनकी घोषित आय और अर्जित संपत्ति में असामान्य अंतर है।
जांच के दौरान चल-अचल संपत्तियों, बैंकिंग लेन-देन, व्यावसायिक गतिविधियों और वित्तीय स्रोतों का मिलान किया जाएगा। यदि संपत्ति के वैध स्रोत नहीं मिले तो संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती जिला होने के कारण किशनगंज लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बालू खनन की अक्सर शिकायतें आती रहती है। हाल के महीनों में पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद कर कई अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।
अब प्रशासन केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहकर उनकी अवैध कमाई और उससे खड़ी की गई संपत्तियों की भी आर्थिक जांच करेगा, ताकि अवैध नेटवर्क की वित्तीय कमर तोड़ी जा सके।
जानकारी के अनुसार जांच के दौरान राजस्व, खनन, वाणिज्य कर (जीएसटी), आयकर समेत अन्य संबंधित विभागों से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के दस्तावेजों का भी सत्यापन कराया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र के 25 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को संदिग्ध मानते हुए जांच के दायरे में लाया गया था। अब इस अभियान का दायरा बढ़ाते हुए उन व्यक्तियों तक भी जांच पहुंचाई जा रही है, जिन्होंने कम समय में असामान्य रूप से बड़ी संपत्ति अर्जित की है।
एसडीपीओ खुसरु सिराज ने कहा कि अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति मामले में प्रशासन की नजर है। विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी प्रशासन की विशेष नजर है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी माह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बाद इस मामले में कार्रवाई पहले से ही चल रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस दिशा में पहल तेज हो गई है।
