मैरिज ब्यूरो ने ग्राहक को थमाया गलत नंबर, उपभोक्ता फोरम ने ब्याज सहित राशि लौटाने दिए आदेश

बिलासपुर। आॅनलाइन मैच पाइंट मैरिज ब्यूरो ने ग्राहक के पंजीयन कराने के बाद गलत नंबर दे दिया था, इसके चलते उपभोक्ता को दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ा। इस मामले में उपभोक्ता फोरम ने मैरिज ब्यूरो को 45 दिन के भीतर पंजीयन की राशि 2500 रुपये ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं साथ ही तीन हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।

बिलासपुर जिले के तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द निवासी बीआरआर पटनायक ने बताया कि 22 फरवरी 2015 को माई पार्टनर इंडिया डाट काम के कार्यालय की महिला कर्मचारी अनिता ने संपर्क किया और बताया कि उनकी संस्था में पंजीयन कराने पर आइडी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से विवाह योग्य उचित प्रस्ताव फोन के माध्यम से उन्हें मिलता रहेगा और उन्हें फोन नंबर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे संपर्क कर कई परिवार से संपर्क कर उचित प्रस्ताव रख सकेंगे। इसके लिए उन्हें प्रति माह ईमेल के माध्यम से परिवार की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। मैरिज ब्यूरो की बातों में भरोसा कर उन्होंने पंजीयन करा लिया। इसके लिए पंजीयन शुल्क दो हजार पांच सौ र्स्पये जमा भी किया। जब उनके पास ब्यूरो से विवाह प्रस्ताव संबंधी जानकारी आई, तब उसमें पूर्ण पता व फोन नंबर नहीं दिए गए थे, जो फोन नंबर दिए गए थे, उसमें गलत नंबर अंकित था। ऐसे नंबरों में काल करने पर उन्हें दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ा। इस शारीरिक, मानसिक क्षति से परेशान होकर उन्होंने मैरिज ब्यूरो के खिलाफ तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। इसमें माई इंडिया पार्टनर इंडिया डाट काम विजय नगर इंदौर स्थित मैरिज ब्यूरो को पक्षकार बनाया गया। फोरम से नोटिस जारी होने के बाद भी मैरिज ब्यूरो की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इस पर उपभोक्ता फोरम ने एक पक्षीय फैसला देते हुए मैरिज ब्यूरो दो हजार पांच सौ रुपये पंजीयन शुल्क की राशि 45 दिन के भीतर छह प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही बतौर क्षतिपूर्ति व परिवाद व्यय तीन हजार रुपये ये आवेदक को देने का आदेश दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *