पाकिस्तान अमेरिका को सैन्य अड्डा देने हुआ तैयार, इमरान खान ने फिर जनता को बनाया बेवकूफ 

इस्लामाबाद
पिछले 70 सालों में पाकिस्तान की गद्दी पर जो भी बैठा है वो अलग अलग अंदाज में अपनी जनता को बेवकूफ बनाता रहा है और उसी का नतीजा है कि पाकिस्तान हर अगले दिन जहालत, बेहाली और कट्टरता के दलदल में और धंसता जा रहा है। पिछले कई दिनों से आपने सुना होगा कि अमेरिका को सैन्य अड्डा देने के लिए इमरान खान और पाकिस्तान सरकार के कई मंत्री डंके की चोट पर मना कर रहे थे, ताल ठोकते हुए कह रहे थे कि किसी भी हाल में अमेरिका को पाकिस्तान में सैन्य अड्डा बनाने नहीं दिया जाएगा…लेकिन पाकिस्तान की सरकार खुद अमेरिका के साथ पर्दे के पीछे डील कर रही है और जनता के गुस्से को भांपने के लिए अलग अलग दलीलें मीडिया के जरिए छपवा रही हैं। 

नये दावे में कहा है कि कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के डारयेक्टर ने कहा कि इस बार पाकिस्तान के अंदर जो सैन्य ठिकाना अमेरिका बनाएगा, वहां से वो ड्रोन हमले नहीं करेगा। जाहिर सी बात है सीआईए डारयेक्टर ने ऐसा बयान यूं ही नहीं दिया है, इस बयान के पीछे वजह साफ है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य अड्डे को लेकर डील हो रही है या डील हो चुकी है। सीआईए डायरेक्टर का दावा पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान की सरकार के अधिकारियों ने पुष्टि कर दी है कि सीआईए के डायरेक्टर विलियन बर्न्स इस्लामाबाद के दौरे पर आए थे और सैन्य अड्डे को लेकर बात की है।

 इस दौरान सीआईए डायरेक्टर को पाकिस्तान ने कहा है कि अगर अमेरिका को सैन्य अड्डा मिलता है तो अमेरिका को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि वो वहां से ड्रोन हमले नहीं करेगा। पाकिस्तानी अधिकारियों ने सीआईए डारयेक्टर के आने की बात तब कबूली है जब 6 जून को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसका खुलासा किया था और दावा किया था कि सीआईए डायरेक्टर ने पाकिस्तान का दौरा किया था। जहां उन्होंने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ जनरल लेफ्टिनेंट जनरल फैज अहमद से बात की थी और आतंकदाव के खिलाफ लड़ाई में दोनों देशों को एक दूसरे का साथ देने का सहयोग मांगा था। 

अमेरिका का सैन्य अड्डा मिलने का दावा अमेरिका की सरकार की तरफ से कई बार कहा गया कि पाकिस्तान अमेरिका को सैन्य अड्डा देने के लिए तैयार हो गया है, जबकि पाकिस्तान बार बार सार्वजनिक तौर पर इनकार कर रहा है। अमेरिका नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जैक सुलीवन ने पाकिस्तान में अमेरिका सैन्य अड्डे को लेकर कहा कि 'सैन्य अड्डे को लेकर पाकिस्तान के साथ हमारी सकारात्मक बात हुई है और अमेरिका भविष्य में भी ये सुनिश्चित करना चाहता है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल अलकायदा या कोई और आतंकी संगठन अमेरिका पर हमला करने के लिए ना करे।' इसके अलावा अमेरिका के कई अधिकारियों ने यहां तक कहा है कि पाकिस्तान सैन्य अड्डा देने के लिए तैयार हो चुका है। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने ये तो कबूल कर लिया है कि सीआईए के डायरेक्टर ने पाकिस्तान का दौरा किया था लेकिन उन्होंने अभी तक ये नहीं बताया है कि वो कब इस्लामाबाद आए थे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *