झारखंड बालू खनन : कई घाटों को मंजूरी, आपूर्ति सामान्य करने की प्रक्रिया तेज

रांची

झारखंड में बालू की आपूर्ति सामान्य करने के लिए खान विभाग ने नीतिगत बदलाव के बाद अब सभी जिलों को निर्देश देना शुरू कर दिया है।

इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बालू खनन पर रोक हटने के साथ ही शनिवार होने के बावजूद छह बालू घाटों से संबंधित कागजी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर दिया गया है।

इन्हीं घाटों से कई करोड़ सीएफटी बालू का प्रबंध हो जाएगा। राज्य में 29 और बालू घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई को अनुमति मिलने के बाद पूरे राज्य में उपभोक्ताओं के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

दुमका समेत कई और जिलों के बड़े बालू घाटों से संबंधित कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकार के लिए राहत की बात यह भी है कि अधिसंख्य बड़े घाटों को ईसी मिल चुकी है और कहीं भी बालू की कमी नहीं है।

अनुमान के मुताबिक झारखंड के बालू घाटों पर नौ करोड़ घन फीट से अधिक बालू का स्टाक है जिसे आने वाले दिनों में आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

इस बार सरकारी कार्यों के लिए भी बालू खरीदने पर चालान कटाने का नियम लागू किया गया है। पहले चरण में जिन छह घाटों को खनन की स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें दो रांची में स्थित हैं, दो बोकारो और दो जमशेदपुर में।

इसके अलावा तमाम कागजी पूर्ण कर चुके बालू घाटों में दुमका में पांच, खूंटी में दो, जामताड़ा में तीन, हजारीबाग में छह, रांची में एक, गोड्डा में चार को अनुमति मिल जाएगी।

इसी तरह पूर्वी सिंहभूम में एक, रामगढ़ में तीन एवं लातेहार में चार बालू घाटों को एक-दो दिनों में अनुमति प्रदान किए जाने की उम्मीद है।

 

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