मतगणना पर भाजपा की सख्त नजर: कंट्रोल रूम में रहेंगे पर्यवेक्षक, अमित शाह लेंगे पल-पल की रिपोर्ट

कोलकाता
बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद अब मतगणना में भी भाजपा एक इंच जमीन छोडऩे को तैयार नहीं है। 2021 की गलतियों से सीख लेते हुए भाजपा ने मतगणना को लेकर इस बार व्यापक तैयारियां की है। चार मई को होने वाली मतगणना के दिन राज्य की जिम्मेदारी संभाल रहे पार्टी के सभी केंद्रीय नेता व पर्यवेक्षक कोलकाता में ही मौजूद रहेंगे और साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय के कंट्रोल रूम से हर पल की जानकारी सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाएगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य की सभी 294 सीटों पर मतगणना की प्रगति, किस सीट पर पार्टी के उम्मीदवार आगे हैं और कुल कितनी सीटों पर बढ़त मिल रही है- इन सभी अपडेट्स को मिनट-टू-मिनट दिल्ली भेजा जाएगा। इस दौरान बंगाल भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल व मंगल पांडेय और केंद्रीय मंत्री एवं बंगाल के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव साल्टलेक कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। मतगणना से पहले पार्टी स्तर पर कई चरणों में बैठकें की गई हैं।

बीते तीन दिनों में सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव ने मालदा, सिलीगुड़ी और कोलकाता में अलग-अलग बैठकें कर जिला अध्यक्षों, उम्मीदवारों और बूथ स्तर के जिम्मेदार नेताओं को मतगणना को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए हैं। इन बैठकों में राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे।

प्रवासी नेताओं और सभी गणना एजेंटों के साथ भाजपा ने बैठक की
इसी क्रम में पार्टी के बंगाल चुनाव प्रभारियों ने शनिवार को कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिस में वे प्रवासी नेता शामिल हुए जो अन्य राज्यों से आकर पिछले कई माह से बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव को लेकर रणनीति और कार्यों को गति दे रहे थे। साथ ही पार्टी के सभी गणना एजेंटों के साथ भी बैठक की गई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतगणना केंद्रों के भीतर एजेंटों को सतर्क रहना होगा और काउंटिंग प्रक्रिया पूरी होने तक निगरानी जारी रखनी होगी। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए पार्टी ने गणना एजेंटों को अंतिम वोट की गिनती तक मतगणना केंद्र नहीं छोडऩे का साफ निर्देश दिया है। यह पहली बार है जब भाजपा ने मतगणना को लेकर इस स्तर पर तैयारी की है। दरअसल, 2021 में रुझान विपरीत दिखने पर भाजपा के कई एजेंट मतगणना केंद्र छोड़कर बीच में ही चले गए थे, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में इस बार अंत तक मोर्चे पर डटे रहने पर भाजपा का मुख्य जोर है।

ममता भी सतर्क, पार्टी के सभी गणना एजेंटों के साथ की वर्चुअल बैठक
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके सांसद भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी शनिवार शाम में पार्टी के राज्यभर के सभी गणना एजेंटों के साथ वर्चुअल माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, ममता ने गणना एजेंटों को उनके कर्तव्यों के बारे में बताया ताकि चार मई को मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की न हो। ममता ने भी अपने गणना एजेंटों को अंतिम समय तक मतगणना केंद्र नहीं छोडऩे का स्पष्ट निर्देश दिया।

 

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