स्कूलों में अब व्हाट्सएप से होगी पढ़ाई , शिक्षक राज्य स्तर भेजी गई सामग्री

भोपाल
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब स्कूल बंद रहने की अवधि में व्हाट्सएप के जरिए पढ़ाई होगी। इसके लिए सभी स्कूल टीचरों को व्हाट्सएप के जरिए पढ़ाया जाएगा। प्रदेशभर के शिक्षकों को 10 जून तक व्हाट्सएप गु्रप तैयार कर बच्चों और पैरेन्ट्स को उसमें शामिल करने को कहा गया है। वर्तमान में संकुल स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बने हुए हैं इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को जोड़कर डिजिलेप के जरिए कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

अब सभी शिक्षकों को कक्षा स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाने बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि शिक्षक अपनी कक्षा के विद्यार्थियों के साथ संपर्क स्थापित कर सकें। इन समूहों में शिक्षक राज्य स्तर से भेजी गई सामग्री विद्यार्थियों से साझा करेंगे। विद्यार्थियों को अपने गृहकार्य वर्कशीट के चित्र लेकर शिक्षक के साथ साझा करने को कहेंगे।

राज्य स्तर से भेजी गई सामग्री बच्चों की कक्षा और सीखने के स्तर के अनुरूप है। शिक्षकों के द्वारा राज्य स्तर से भेजी गई सामग्री से भिन्न अपने स्तर से चयनित सामग्री का उपयोग ऐसी ही स्थिति में किया जाएगा जब ऐसा करना अत्यंत आवश्यक हो। जिन शिक्षकों ने अब तक कक्षा स्तर के समूह नहीं बनाए है तो सभी को दस जून तक कक्षावार समूहों का निर्माण करना होगा।

जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन नहीं है ऐसे विद्यार्थियों को उनके आसपास रहने वाले स्मार्ट फोन वाले विद्यार्थियों के साथ समूह बनाए जाएंगे। विद्यालय के उच्च कक्षाओं के बच्चे जिनके पास  स्मार्ट फोन है उनके साथ जोड़ा जाएगा इसके अलावा ऐसे पड़ौसी जिनके पास स्मार्ट फोन है उनके साथ जोड़ा जाएगा।

कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को नियमित अकादमिक समर्थन प्रदान करने के लिए मेंटर बनाए जाएंगे। ये मेंटर विद्याथर््िायों को दूरस्थ शिक्षण प्रक्रिया में भागीदारी के लिए सक्षम करेंगे। विद्यार्थियों को समय सारणी के अनुसार सीखने में मदद करेंगे। अध्यापक से संपर्क स्थापित करने और शंका समाधान में सहायता करेंगे। गृह कार्य, प्रोजेक्ट तैयार करने में सहायता करेंगे। आवश्यकतानुसार विद्यार्थी को पेन, पेंसिल, कापी में  और वीडियो देखने हेतु मोबाइल उपलब्ध कराने का भी प्रयास करेंगे। मेंटर परिवार का सदस्य, अन्य व्यक्ति भी हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *