कोरोना संक्रमित ने सैकड़ों लोगों को बांटा प्रसाद 

 नई दिल्ली 
कोरोना के प्रसार के बीच जहां सरकार 'दो गज दूरी मास्क है जरूरी' का नारा दे रही है, वहीं पंजाब के संगरूर जिले में इसको लेकर एक बड़ी चूक सामने आई है। यहां के सकरौंदी गांव स्थित गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी के कोरोना पॉजिटिव आने से गांव में हड़कंप मच गया है। इतने बवाल का कारण ये था कि बीते दिन ग्रंथी ने गांव में सैकड़ों लोगों को अपने हाथ से प्रसाद बांटा था। इस प्रसाद को ग्रहण करने वालों में राज्य के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला भी शामिल थे।

  
 हालांकि इस गांव से अब तक 30 लोगों के सैम्पल लिए जा चुके हैं और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी और लोगों के सैम्पल्स भी लिए जा रहे हैं। ये पूरा मामला 1 जून का है जब गांव में किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले करमजीत सिंह की याद में अंतिम अरदास हो रही थी। इसके बाद गांव में प्रसाद बांटा गया था। ये प्रसाद गुरुद्वारा के ग्रंथी ने बांटा था। जब ग्रंथी कोरोना संक्रमित पाया गया तो मानो इसके बाद से ही गांव में हड़कंप मच गया। प्रसाद ग्रहण करने वालों में राज्य के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला और संगरूर के पूर्व विधायक प्रकाश चंद्र गर्ग भी शामिल थे।

 इसके बाद  शिक्षा मंत्री ने गांव में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लोगों की जांच करने का निर्देश दिया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रंथी को पहले से ही पता था कि वो कोविड पॉजिटिव है, इसके बावजूद उसने अपने हाथों से प्रसाद बांटा। उनका कहना है कि कोरोना के लक्षण दिखने के बाद ग्रंथी और उसकी पत्नी ने 31 मई को टेस्ट कराया था। उसके बावजूद उसने 1 जून की सुबह गांव के लोगों को प्रसाद बांटा। हालांकि, एक जून की शाम तक उसकी रिपोर्ट आई थी। उनके साथ उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। फिलहाल दोनों ही होम आइसोलेशन में हैं।गौरतलब है कि ये मामला और भी अधिक जोखिम भरा है क्योंकि पंजाब में कोरोना के 60% नए मामले ग्रामीण इलाकों से ही सामने आ रहे हैं। यहां गांवों की हालत शहरों के मुकाबले अधिक खराब है। इसके अलावा शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में डेथ रेट तीन गुना ज्यादा है।

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