बरसात से पहले अमृत के जख्म भरने की चुनौती

ग्वालियर
मानसून के करीब आने की उम्मीदों के बीच शहर के अनेक इलाकों में लंबे समय से बदहाल पड़ीं सैकड़ों छोटी-बड़ी सड़कों को सही करने के लिए अब नगर निगम पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। खास तौर से ऐसी सड़कें जिन्हें अमृत योजना के तहत की गई खुदाई के बाद खस्ता हालत में छोड़ दिया गया। इसके अलावा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के दायरे में थीम रोड पर चल रहे काम को लेकर तो मानसून तक रास्ता आसान होने की कोई उम्मीद ही नहीं की जा सकती।
इस बीच राहत की बात ये है कि नगर सरकार के कुछ अधिकारियों के कान जरुर अब खड़े हो गए है। हालात बताने लगे हैं कि निगम कमिश्नर द्वारा विगत दिवस की गई निगम अमले की बड़ी सर्जरी के बाद कई जिम्मेदार अफसरों को शहर की बदहाली अब नजर आने लगी है। खास बात ये है कि इस दिशा में काम की गंभीरता भी फिलहाल तो दिखने लगी है। हां, ये अलग बात है कि नगर निगम में सालों से अंगद की तरह पांव जमाकर बैठने वाले कु छ अफसर तो चिकने घड़े जैसे माने जाते हैं। ऐसे में उनके व्यवहार में आया यह ताजा बदलाव महज दिखावा है या उनका काम करके दिखाने का जज्बा बना रहेगा, यह तो आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।
15 दिन बचे हैं तब आया पेच रिपेयरिंग का होश
बता दें कि नगर निगम ने शहर के मुख्य मार्गों को दुरुस्त करने के लिए अब पेच वर्क का कार्य शुरु कर दिया है। इसी के तहत विगत रोज सिटी सेंटर क्षेत्र में कुछ सड़कों पर पेच रिपेयरिंग का कार्य किया गया। वहीं मुरार में भी थोड़ा सा काम किया गया। अधीक्षण यंत्री जनकार्य श्री पारा का कहना है कि नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि शहर के नागरिकों की सुविधा एवं सुगम यातायात के लिए शहर की सभी मुख्य सड़कों के गड्ढों को तेजी से भरने के लिए पेच वर्क का काम तेजी से किया जाए। उनके निर्देश के क्रम में सिटी सेंटर क्षेत्र में पेच वर्क का काम प्रारंभ कराया गया। साथ ही शहर के अन्य क्षेत्रों में भी यह लगातार जारी रखा जाएगा। यहां खास बात ये है निगम के पास शहर की तमाम सड़कों के जख्म भरने के लिए अब केवल 15 जून तक की मोहलत है। इसके बाद बारिश के मौसम में पेच वर्क का काम टिकाऊ नहीं रहता।

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