राशन घोटाले के आरोपित मीणा को जमानत नहीं मिली
इंदौर
राशन घोटाले में शामिल तत्कालीन जिला आपूर्ति अधिकारी आरसी मीणा को न्यायालय से राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी से बचने के लिए मीणा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन प्रस्तुत किया था लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि मीणा ने अपने दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से नहीं किया। उन्होंने अपने कनिष्ट अधिकारियों को सहकारी संस्थाओं के निरीक्षण करने से रोका और संस्थाओं द्वारा किए गए घोटालों पर ध्यान नहीं दिया।
मीणा ने जिला स्तर के महत्वपूर्ण पद पर पदस्थ रहते हुए पदीय कर्तव्य के निर्वहन नहीं किया है। प्रथमदृष्टत: मामले में उनकी संलिप्तता संबंधी तथ्य प्रकट होते हैं। ऐसी स्थिति आरोपित मीणा को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालकों द्वारा खाद्यान का वितरण नहीं किए जाने के संबंध में शिकायत मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी रवि सिंह द्वारा जनता महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान की जांच की थी। जांच में पता चला कि संचालकों द्वारा पात्र हितग्राहियों को वितरण हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्राप्त राशन 93523 किलोग्राम खाद्यान, 169 किलोग्राम नमक, 356 लीटर केरोसीन, 354 किग्रा दाल, 18 हजार 705 पात्र हितग्राहियों को वितरित नहीं करते हुए उक्त सामग्री की कालाबाजारी की गई है। उस वक्त आरोपित आरसी मीणा प्रभारी आपूर्ति नियंत्रक के पद पर पदस्थ थे।
