बार काउंसिल विवाद, निलंबित अधिवक्ता को नहीं मिली राहत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल विवाद के बाद निलंबित अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में निलंबित अधिवक्ता को अब राहत नहीं मिल पाई है। कोर्ट में इस प्रकरण की सुनवाई फिर से एक सप्ताह के लिए टल गई है। हाई कोर्ट के निलंबित अधिवक्ता संतोष पांडेय ने स्टेट बार के पूर्व चेयरमैन प्रभाकर सिंह चंदेल, सचिव अमित वर्मा व अन्य के खिलाफ अपनी बहाली के नाम पर रकम उगाही का आरोप लगाया है।

उन्होंने इस मामले की रिपोर्ट चकरभाठा थाने में दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। दूसरी तरफ से अधिवक्ता संतोष पांडेय के खिलाफ भी चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि निलंबित अधिवक्ता ने बार काउंसिल को गलत जानकारी दी है। कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है। बार काउंसिल को गलत जानकारी देकर अधिवक्ता का पंजीयन कराने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है। बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष चंदेल की रिपोर्ट पर संतोष पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना का अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को संतोष पांडेय ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इसमें पुलिसिया कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की गई है। पूर्व में उनके तरफ से हाई कोर्ट में अंतरिम राहत के लिए आवेदनपत्र प्रस्तुत किया गया था। लेकिन, कोर्ट ने मामले में अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया था। साथ ही प्रकरण में बार काउंसिल व राज्य शासन से जवाब मांगा गया था। बीते दिनों ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इस प्रकरण की सुनवाई हुई। इस दौरान बताया गया कि प्रकरण में स्टेट बार काउंसिल ने जवाब नहीं दिया गया है। इसके चलते प्रकरण की सुनवाई एक सप्ताह के लिए टल गई है।

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