अंग्रेजी शिक्षक के लिए एक पद रिक्त रखने हाईकोर्ट के आदेश
बिलासपुर। व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने मार्च 2020 में शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी जिसमें जगदलपुर के शिक्षक ने मेरिट में स्थान बनाया था लेकिन सत्यापन के समय उनके स्नातक में अंग्रेजी स्पेशल नहीं लिया गया था जिस पर उनका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। इसको चुनौती देते हुए शिक्षक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एक पद रिक्त रखने का आदेश दिया है।
व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने मार्च 2020 में शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इसके लिए जगदलपुर निवासी इवान कुमार ने भी आवेदनपत्र जमा किया था। परीक्षा में परिणाम आने के बाद उन्हें मेरिट में स्थान मिला। इस दौरान उन्हें अभ्यर्थी को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया। प्रमाणपत्रों की जांच के बाद बताया गया कि उनके स्नातक में अंग्रेजी स्पेशल नहीं था। इसके चलते उन्हें नियुक्ति से अपात्र कर दिया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें बताया गया कि याचिकाकर्ता ने स्नातक के साथ अंग्रेजी विषय लिया था। शिक्षक पद के लिए जारी विज्ञापन में सिर्फ स्नातक में एक ही विषय अंग्रेजी लेने की बात कही गई थी। इसमें मुख्य विषय की बाध्यता नहीं थी।
ऐसे में याचिकाकर्ता की योग्यता को दरकिनार कर नियुक्ति से वंचित करना अवैधानिक है। याचिकाकर्ता ने प्रविधान के अनुसार लिखित परीक्षा दी है और मेरिट में उन्हें स्थान भी मिला है। इसके बाद भी उन्हें जानबुझकर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया। याचिका में विज्ञापन में दिए गए शैक्षणिक योग्यता व याचिकाकर्ता की योग्यता के आधार पर नियुक्ति देने की मांग की है। इस प्रकरण की सुनवाई जस्टिस पीसेम कोशी की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अंग्रेजी विषय में एक पद रिक्त रखने का आदेश दिया है। साथ ही प्रकरण में राज्य शासन सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
