लॉकडाउन में नेताओं की आवाजाही बैन, BJP को नहीं आया पसंद
पटना
बिहार में कोरोना लॉकडाउन के दौरान मंत्रियों और विधायकों के आवाजाही पर नीतीश सरकार ने प्रतिबंध लगा दी है। बिहार में लॉकडाउन 1 जून को खत्म हो रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फैसले से बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता, विधायक और सांसद नाराज हैं। भाजपा के विधायक और सांसदों ने लॉकडाउन के कारण अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मंत्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के फैसले पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। बिहार सरकार ने 23 मई 2021 को एक पत्र जारी कर लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
बीजेपी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने बुधवार (26 मई) को पार्टी की वर्चुअल बैठक में इस मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के सात साल पूरे होने पर 30 मई को होने वाले सेवा दिवस की तैयारियों की निगरानी के लिए बीजेपी ने एक बैठक बुलाई थी। बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल मौजूद थे। इसी बैठक में बिहार बीजेपी के नेताओं ने नीतीश सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रक्रट किया है। BJP विधायक बोले-यह लोकतंत्र की हत्या जैसा है बीजेपी विधायक ने बैठक में कहा, ''यह लोकतंत्र की हत्या जैसा है। अगर कोई विधायक या सांसद कोरोना महामारी के इस समय में अपने लोगों के साथ रहने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नहीं जा सकते हैं, तो वह जन प्रतिनिधि होने का दावा कैसे कर सकते हैं?''
